पिछले महीने गणेश चतुर्थी के खास अवसर पर, Finolex Industries के सहयोग से Schbang Motion Pictures ने शॉर्ट फिल्म "प्रल्हाद" लॉन्च की। यह फिल्म 14 वर्षीय एक युवा लड़के प्रल्हाद पी. छाबरिया के असल जीवन की कहानी है, जो अमृतसर से अपनी शर्ट की जेब में 10 रुपये का नोट लेकर मुंबई आया और 10,000 करोड़ रुपये की कंपनी फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज और फिनोलेक्स केबल्स का निर्माण किया। यह कहानी आज के एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक सीख है कि किस तरह जमीन से जुड़कर सच्चाई और ईमानदारी से आप सफल बिजनेस कर सकते हैं।
यह फिल्म फिनोलेक्स समूह के संस्थापक स्वर्गीय प्रल्हाद पी छाबरिया को श्रद्धांजलि देती है। एक बीते युग को दर्शाने वाली यह पीरियड फिल्म प्रल्हाद पी छाबरिया की आत्मकथा 'There’s No Such Thing as a Self-Made Man' पर बनी है। फिल्म में छाबरिया की भूमिका 'लाखों में एक' फेम के ऋत्विक सहोर निभा रहे हैं। अन्य कलाकारों में मनोज जोशी, भार्गवी चिरमुले, आबिद शमीम, अन्नपूर्णा सोनी और चिनमय दास शामिल हैं। स्क्रीन प्ले की बात करें तो फिल्म में सभी किरदारों ने अपना रोल बखूबी निभाया है, फिल्म की सिनेमेटोग्राफी इतनी जबरदस्त है कि ये आपको आजादी के पहले के दौर में ले जाएगी। फिल्म ने Prague International Film Festival , लंदन फिल्म एंड टेलीविजन फेस्टिवल और मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सहित अंतरराष्ट्रीय और भारतीय फिल्म फेस्टिवल जगत में 22 पुरस्कार जीते हैं।
स्वर्गीय श्री
प्रल्हाद छाबरिया बिजनेस के अलावा समाज कल्याण की गतिविधियों में भी एकदम आगे रहते थे। भारत के बच्चों के उज्वल भविष्य के लिए उन्होंने रत्नागिरी में मुकुल माधव विद्यालय, रत्नागिरी में इंजीनियरिंग कॉलेज फिनोलेक्स एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी और हिंजवाड़ी, पुणे, महाराष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की थी। इसके अलावा प्रल्हाद छाबरिया द्वारा स्थापित किया गया मुकुल माधव फाउंडेशन और होप फाउंडेशन एंड रिसर्च सेंटर जरूरतमंद लोगों के लिए मेडिकल फैसिलिटी, शिक्षा और सामाजिक कल्याण जैसे कई कार्य करते हैं। फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड पिछले 40 वर्षों से भारत का सबसे भरोसेमंद और मशहूर पीवीसी पाइप और फिटिंग निर्माता रहा है। कंपनी पूरे भारत में स्वच्छता-प्लंबिंग और कृषि उद्योगों को अच्छा बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल की खरीद से लेकर रेसिन के निर्माण तक, निर्माण, भंडारण, विपणन, परिवहन, बिक्री, और ग्राहक संपर्क तक, सभी काम फिनोलेक्स करता है। प्रल्हाद, फिनोलेक्स के संस्थापक छाबरिया जी के जीवन के अहम पलों को दिखाने वाली ऐसी ही एक कहानी है जिसे देखने और सीख लेने की जरूरत है। यह फिल्म आज के समय के एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक उम्मीद की किरण के रूप में देखी जा सकती है।
आम दर्शकों के लिए ये प्रेरणादायक फिल्म यूट्यूब चैनल 'हमारा मूवी' पर उपलब्ध कराई गयी है। देखने के लिए क्लिक करें। -
https://youtu.be/OBed_pQs9to