Sholay Special Screening At IIFA: निर्देशक रमेश सिप्पी की फिल्म शोले को इस 15 अगस्त को पूरे 50 साल हो जाएंगे। इसी मौके पर फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग राजमंदिर में IIFA के दौरान की जा रही है। इस मौके पर राजमंदिर सिनेमा के फांडर के बेटे देवेंद्र सुराना ने फिल्म को लेकर खास बात कही है।
मशहूर फिल्मकार रमेश सिप्पी की सुपरहिट फिल्म 'शोले' को अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी (IIFA) के 25वें संस्करण में दिखाया जाएगा। यानी प्रशंसक एक बार फिर से धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और हेमा मालिनी स्टारर फिल्म को देख सकेंगे। शोले इस साल रिलीज के 50 साल पूरे कर लेगी। यही वजह है कि शोले की स्पेशल स्क्रीनिंग की जा रही है।
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कार्यक्रम में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या और रमेश सिप्पी का सम्मान किया
- फोटो : IIFA
शोले की स्क्रीनिंग को लेकर रमेश सिप्पी ने कही दिल छू लेने वाली बात
सलीम-जावेद द्वारा लिखित "शोले" का निर्देशन करने वाले रमेश सिप्पी ने किया है। रमेश ने शोले को लेकर कहा कि यह देखना बहुत अच्छा है कि उनकी फिल्म के 50 साल पूरे हो रहे हैं। रमेश सिप्पी ने कहा, "आईफा के 25 साल आज उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने 'शोले' के 50 साल। हमने साथ मिलकर कल रात शानदार शुरुआत की और यह ना केवल आज रात, बल्कि आगे भी जारी रहेगा।" इस दौरान राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या और रमेश सिप्पी का सम्मान किया।
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देवेंद्र ने दिया IIFA को धन्यवाद
- फोटो : ANI
देवेंद्र ने दिया IIFA को धन्यवाद
फिल्म शोले की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान राजमंदिर सिनेमा हॉल के संस्थापक के बेटे देवेंद्र सुराना ने ANI से बात करते हुए कहा, "यह हमारे लिए गर्व की बात है कि शोले की यहां पर स्पेशल स्क्रीनिंग हो रही है। यह एक सदाबहार हिट फिल्म है। यह सब केवल आईफा की वजह से संभव हो पाया है। यह हमारे लिए एक यादगार दिन है।"
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी रामगढ़ गांव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) को मार गिराने की साजिश रचता है और दो छोटे अपराधियों जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेंद्र) की मदद लेता है। IIFA 2025 का आयोजन जयपुर में 8 मार्च से 9 मार्च तक किया जाएगा। इसका प्रसारण 14 मार्च को टीवी पर किया जाएगा।
सूरज बड़जात्या ने जताई खुशी
फिल्म शोले की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान निर्देशक और निर्माता सूरज बड़जात्या ने कहा, "यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमें सरकार और IIFA से जिस तरह का समर्थन मिला है। हम 1977 से राज मंदिर से जुड़े हुए हैं। हमारी चार फिल्में इस थिएटर में 100 दिनों से अधिक समय तक चलीं। हम आपके हैं कौन यहां 75 सप्ताह तक चलती रही..."