एक लड़का था जो कॉलेज में पढ़ता था। लड़की स्कूल जाया करती। दोनों पड़ोस में रहते। रोज का मिलना था। साथ में बैडमिंटन भी खेलते। लड़की उस लड़के से भैया बोला करती। लेकिन, फिर आगे वही लड़का उसका हमसफर बन गया। पढ़ते हुए ये किसी उपन्यास की काल्पनिक पंक्तिया लग सकती हैं। लेकिन, यह हकीकत है। हकीकत है अमजद खान की जिंदगी की। कॉलेज जाने वाले लड़के वे खुद थे और स्कूल में पढ़ने वाली लड़की उनकी हमसफर शेहला। आइए जानते हैं, यह प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई...