हिंदी सिनेमा के अनुभवी अभिनेता शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन ने अब से लगभग एक दशक पहले फिल्मों में अपनी शुरुआत की लेकिन उनका करियर बड़े परदे पर बड़ी छलांग नहीं लगा सका। अब वह डिजिटल दुनिया के जरिए फिर से दर्शकों को नजर आने लगे हैं। अध्ययन मानते हैं कि अगर उन्होंने अपने पिता का कहा माना होता तो आज हालात कुछ और होते।
अपने पिता का जिक्र चलने पर एक खास बातचीत में अध्ययन कहते हैं, “मेरी पहली फिल्म 'हाल ए दिल' थी। इसे करने से मेरे पापा ने मुझे मना किया था। मैंने उनकी बात नहीं मानी और मैंने यह फिल्म की। शायद वह मेरी गलती ही थी और मुझे उस बात का आजतक पछतावा है। अब मैं इस सीरीज के साथ अपनी नई शुरुआत करने जा रहा हूं। वह मेरे काम को हमेशा देखते हैं, और कभी सराहते हैं और कभी नहीं सराहते हैं। जो भी उन्हें छोटी-मोटी टिप्पणी करनी होती है, वह कर देते हैं। लोगों को लगता होगा, लेकिन मेरे करियर में उनका कोई दखल नहीं है।”
वेब सीरीज डैमेज्ड 2 में काम पाने के लिए अध्ययन खुद इसके निर्माता के घर गए और उनसे काम मांगा। वह बताते हैं, “जब मैंने निर्माता से कहा कि मुझे काम की सख्त जरूरत है तो उन्होंने कहा कि पहले मैं ऑडिशन लूंगा। उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया और फिर हिना से पूछा कि क्या आप अध्ययन के साथ काम कर सकती हो? तो हिना ने भी हां कर दिया और मुझे काम मिल गया।”
जूनियर सुमन ये भी मानते हैं कि जमाना तेजी से बदल रहा है और अगर कलाकार ने खुद को उसी रफ्तार से नहीं बदला तो वह पीछे छूट जाएगा। अध्ययन कहते हैं, “आजकल लोग सेल्फी लेते हैं जबकि पहले ऑटोग्राफ लेते थे। तब कागज पर दस्तखत करने का एहसास ही अलग होता था। अब तो कोई भी आकर बगल से सेल्फी ले लेता है और हमें पता भी नहीं चलता। 10 साल पहले एक अखबार में मेरे ऊपर पूरा पेज छपा था वैसा एहसास दोबारा फिर कभी नहीं हुआ।”
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