भारत के लोकप्रिय सोशल मीडिया एप्लीकेशन शेयरचैट के खिलाफ अदालत में आपराधिक मुकदमा दर्ज हो गया है। ये मुकदमा कॉपीराइट एक्ट के कथित उल्लंघन को लेकर है। देश की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी टी सीरीज और लाहिड़ी म्यूजिक कंपनी ने शेयरचैट पर बिना अनुमित के अपने यूजर्स को उनके गाने डाउनलोड करने की सुविधा देने का आरोप इस मुकदमे में लगाया है। वहीं, शेयर चैट का इस बारे में कहना है कि दोनों ही मुकदमों में शेयर चैट पूरी क्षमता के साथ कोर्ट में प्रतिवाद कर रही है और कोर्ट द्वारा जो भी आदेश दिया जाएगा उसका पालन करेगी।
दक्षिण भारत की म्यूजिक कंपनी लाहिड़ी म्यूजिक ने शेयरचैट पर कॉपीराइट का मुकदमा दर्ज कराया है। लाहिड़ी रिकॉर्डिंग कंपनी ने आरोप लगाया है कि शेयरचैट अपने उपभोक्ताओं को उनकी अधिकृत सामग्री को अपने प्लेटफार्म से डाउनलोड करने का मौका दे रहा है। कंपनी का आरोप है कि इससे उनकी कंपनी को आर्थिक तौर पर नुकसान हो रहा है। इसी मामले को लेकर लाहिड़ी रिकॉर्डिंग कंपनी ने बेंगलुरु के यशवंतपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है।
वहीं टी सीरीज ने भी इस मामले में एक मुकदमा दर्ज कराया है। टी सीरीज डिजिटल और लीगल के मुखिया नीरज कल्याण कहते हैं, 'टी सीरीज ने दिल्ली उच्च न्यायालय में शेयरचैट के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज कराया है। वह हमारे कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन करके अदालत के आदेश की अवमानना कर रहे हैं। उल्लंघन के खिलाफ हमारी शुरुआत से ही शून्य सहिष्णुता की नीति रही है। हम लाहिड़ी रिकॉर्डिंग कंपनी की इस कार्रवाई का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।'
बता दें कि भारत के ग्रामीण इलाकों में सोशल मीडिया एप्लीकेशन शेयरचैट बहुत लोकप्रिय है। यह भारत का अकेला ऐसा एप्लीकेशन है जो चीन के सबसे ज्यादा प्रचलित एप्लिकेशन टिक टॉक को भी भारत में टक्कर देने का माद्दा रखता है। इसका एक बहुत बड़ा कारण यह है कि शेयरचैट यहां की लगभग हर क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध है और यहां उपयोगकर्ताओं को फोटोज और वीडियोज दोनों ही देखने का मौका मिलता है।
वहीं, इस बारे में शेयरचैट ने एक बयान जारी करके अपनी सफाई पेश की है। बयान के अनुसार वह सिर्फ एक मध्यवर्ती है और भारतीय कानूनों और साथ ही माननीय दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए काम करती है। शेयरचैट ने टी सीरीज और लाहिड़ी म्यूजिक पर कानूनी कार्यवाई के जरिए भयभीत करने का आरोप भी लगाया है। कंपनी का कहना है कि दोनों ही मुकदमों में शेयरचैट पूरी क्षमता के साथ कोर्ट में प्रतिवाद कर रही है और कोर्ट द्वारा जो भी आदेश दिया जाएगा उसका पालन करेगी।