शाहरुख खान अब हाईकोर्ट की शरण में हैं। मामला सरोगेसी तकनीक से हुए बच्चे के लिंग परीक्षण का है।
शाहरुख खान ने सरोगेसी मामला खारिज कराने के लिए बांबे हाई कोर्ट की शरण ली है। शाहरुख चाहते हैं कि यह मामला पूरी तरह से खारिज कर दिया जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता वर्षा देशपांडे ने मुंबई के लोअर कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
देशपांडे ने बच्चे का जन्म पूर्व लिंग परीक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शाहरुख, उनकी पत्नी गौरी के अलावा जसलोक अस्पताल और इसके डॉक्टरों के खिलाफ कारवाई करने की मांग की है।
उन्होंने इस मामले में मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों को भी पार्टी बनाया है। हालांकि महानगर पालिका ने कोर्ट में इस बात के प्रमाण दे दिए हैं कि शाहरुख ने बच्चे का लिंग परीक्षण नहीं कराया था।
शाहरुख के वकील प्रणव वाडेकर ने हाई कोर्ट से याचिका खारिज करने का आग्रह किया। उनकी ओर से दलील दी गई है कि 24 सितंबर को मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामले में बहस होनी थी, न तो देशपांडे और न ही उनके वकील अदालत में हाजिर हुए।