फिल्म उद्योग में 15 साल पूरे कर चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने कहा है कि वह अब अपने विशेषाधिकार और जिम्मेदारियों को समझते हैं। मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘मुझे जो कुछ भी हासिल हुआ है, मैं उस पर गर्व करता हूं । मुझे और बढ़ने व विकसित होने की जरूरत महसूस होती है।’
शाहिद के मुताबिक, इंसान के अंदर एक आग होती है। यह आग कुछ हासिल करने की जरूरत पर बाहर निकलती है। अगर आपकी कोई जरूरत या इच्छा नहीं है, तो आपके अंदर उत्साहित होने के लिए कुछ भी नहीं होगा। 'दिल तो पागल है' और 'ताल' जैसी फिल्मों में बैकग्रांउड डांसर के रूप नजर आ चुके शाहिद ने 2003 में फिल्म 'इश्क विश्क' से डेब्यू किया था।
आज फिल्म ‘पद्मावत’ में जबरदस्त भूमिका के लिए उन्हें अब भी प्रशंसा मिल रही है। वह अपनी पहली रीमेक फिल्म साइन कर चुके हैं। दूसरी बार पिता बनने जा रहे शाहिद कपूर फिलहाल बहुत व्यस्त हैं। शाहिद ने कहा, ‘मेरा सफर एक छोटे बच्चे की यात्रा रही है, जिसे यह नहीं पता था कि अभिनेता बनने का क्या मतलब है। मेरी जीवन यात्रा शायद एक किताब है।’
शाहिद आज एक किशोर छात्र की भूमिका से लेकर फिल्म 'हैदर' और 'उड़ता पंजाब' जैसी फिल्मों के जटिल किरदार भी बखूबी निभाने में माहिर हो चुके हैं। शाहिद की अगली फिल्में ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ है।