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‘फैमिली को परफेक्ट बनाने का कोई फॉर्मूला नहीं’, मनोज और सीमा पाहवा ने पैरेंटिंग को लेकर दिए सुझाव

Thu, 25 Jun 2026 04:29 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Manoj-Seema Pahwa On Parenting: मनोज पाहवा और सीमा पाहवा ने अपने पैरेंटिंग अनुभव साझा किए। जानिए आजकल के बच्चों और पिताओं को लेकर उन्होंने क्या कुछ कहा…
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मनोज पाहवा, सीमा पाहवा - फोटो : यूट्यूब
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विस्तार
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वेब सीरीज ‘परफेक्ट फैमिली’ में साथ नजर आने वाले सेलिब्रिटी कपल मनोज पाहवा और सीमा पाहवा ने पैरेंटिंग को लेकर बात की। यह सीरीज भी पैरेंटिंग और पारिवारिक रिश्तों पर आधारित है। कपल ने अपनी लगभग चार दशक की शादी से मिली सीख के बारे में बात की है। अपने मुश्किल करियर को संभालने के साथ-साथ बच्चों की परवरिश करने के बारे में बात करते हुए कपल ने पैरेंटिंग पर अपने विचार साझा किए।

बच्चों को सिखाने से ज्यादा खुद को बेहतर इंसान बनाना जरूरी

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आईएनएस से बातचीत में एक कपल के तौर पर बच्चों की परवरिश के बारे में बात करते हुए सीमा पाहवा ने कहा कि हमने कभी यह तय नहीं किया कि हम अपने बच्चों की परवरिश कैसे करना चाहते हैं। मनोज और मेरे बीच बच्चों को उनकी प्राइवेसी और स्पेस देने को लेकर एक बिना कही समझ थी।

हमने बस यह तय किया कि करियर, शादी और जिंदगी के किसी भी जरूरी फैसले में उन्हें जिस सहारे की जरूरत होगी, हम वो बनेंगे। मनोज ने बच्चों की परवरिश और उन गलतियों के बारे में अपनी राय शेयर की जो अक्सर माता-पिता करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें परवरिश के बोझ को खुद पर से हटा देना चाहिए। माता-पिता के तौर पर बच्चों को सिखाने से ज्यादा जरूरी है कि हम खुद को बेहतर इंसान बनाने पर काम करें।

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सीरीज 'परफेक्ट फैमिली' - फोटो : इंस्टाग्राम@pankajtripathi

बच्चे वही सीखते हैं, जो वो देखते हैं
मनोज पाहवा का कहना है कि बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं और जिस माहौल में वे बड़े होते हैं। पेरेंटिंग की मुख्य समस्या यह है कि हम बच्चों को क्या सिखाते हैं और हमारे काम क्या होते हैं। हमारी बातों और कामों में जो अंतर होता है, उससे ज्यादातर मामलों में बच्चे कन्फ्यूज हो जाते हैं।

हम सभी ऐसी फैमिली से आते हैं, जिनमें कुछ न कुछ कमियां होती हैं और यह सीरीज दिखाती है कि माता-पिता बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। एक परफेक्ट फैमिली की इमेज बनाए रखने के दबाव के बारे में बात करते हुए सीमा ने कहा कि जब किसी चीज पर कोई ठप्पा लग जाता है, तो इससे हम पर बहुत दबाव पड़ता है।

फैमिली को परफेक्ट बनाने का कोई फॉर्मूला नहीं है। हम खुद पर काम कर सकते हैं और एक बेहतर फैमिली बनाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

आज की पीढ़ी के पिता अपने बच्चों की बात सुनते हैं
सीरीज में सोमनाथ का पारंपरिक पिता वाला किरदार निभाने के बाद, मनोज पाहवा ने इस बात पर विचार किया कि पीढ़ियों के साथ पिता बनने का तरीका कैसे बदला है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के पिता अपने बच्चों की बात सुनने लगे हैं और उन्हें काफी स्पेस भी देते हैं। हमारी पीढ़ी में हम शायद ही अपने पिता से बात करते थे, लेकिन अब यह बदल गया है और अच्छे के लिए बदला है।

पुरानी पीढ़ी की एक खूबी जो मुझे पसंद थी, वह यह थी कि पिता अपने बच्चों के बारे में सब कुछ जानते थे, उनके दोस्त कौन हैं और वे किसके साथ घूमते-फिरते हैं। अफसोस की बात है कि आज की तेज-तर्रार जिंदगी में उनके पास देने के लिए इतना समय नहीं है।

 

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सीरीज 'परफेक्ट फैमिली' - फोटो : इंस्टाग्राम@pankajtripathi
26 जून से सोनी लिव पर स्ट्रीम करेगी ‘परफेक्ट फैमिली’
पलक भाम्बरी द्वारा बनाई गई और सचिन पाठक द्वारा निर्देशित 'परफेक्ट फैमिली' में नेहा धूपिया, गिरिजा ओक गोडबोले, गुलशन देवैया और कावेरी सेठ भी हैं। यह सीरीजी अभी तक यूट्यूब पर पेड सब्सक्रिप्शन के साथ मौजूद थी। लेकिन अब यह सीरीज 26 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर स्ट्रीम करेगी। सीरीज में एक ऐसे परिवार की कहानी है जो आपसी झगड़ों, पीढ़ी के अंतर और एक 'परफेक्ट' परिवार की छवि बनाए रखने के दबाव से जूझ रहा है।
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