महार योद्धाओं की वीर गाथा को आधार बनाकर बनने वाली हिंदी फिल्म 'बैटल ऑफ भीमा कोरेगांव' की कहानी को लेकर उठे विवाद की जांच शुरू हो गई है। फिल्म के लेखक अरुण शिंदे ने अभिनेता अर्जुन रामपाल और निर्देशक आशु त्रिखा की दोस्ती के चलते खुद को फिल्म से बाहर निकाले जाने के खिलाफ स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई है।
अमर उजाला ने इस बारे में पिछले दो दिन में पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि एसोसिएशन ने अरुण शिंदे की शिकायत को बहुत ही गंभीरता से लिया है। फिल्म के निर्देशक और लेखक के बीच हुए वाद विवाद और सभी तथ्यों की पुष्टि करने के बाद एसोसिएशन इस मामले में अंतिम नतीजे पर पहुंचेगी। एसडब्लूए में ऐसे मामलों में पहले दोनों पक्षों की दलीलों को सुना जाता है। फिर उसके बाद पटकथा की गहराई से जांच की जाती है। देखा जाता है कि कहीं पटकथा किसी दूसरे लेखक की नकल तो नहीं। इन सभी मामलों की पूरी तरह से जांच होने के बाद ही एसोसिएशन कोई अंतिम फैसला लेती है। इस मामले की प्रक्रिया पूरी होने में दो से तीन हफ्ते का समय जा सकता है।