राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता विनोद मनकारा इस इनोवेटिव डॉक्यूमेंट्री को लेकर आ रहे हैं। बता दें कि निर्माता मृत भाषा मानी जाने वाली संस्कृत भाषा को पुनर्जीवित करने का प्रयास करते रहे हैं और यह फिल्म उसी लक्ष्य की ओर एक इनोवेटिव कदम है।
"यानाम" नाम से प्रस्तावित 45 मिनट की यह फिल्म "माई ओडिसी: मेमोयर्स ऑफ द मैन बिहाइंड द मंगलयान मिशन" पर आधारित है, जिसे इसरो के पूर्व प्रमुख ‘के राधाकृष्णन’ ने लिखा है।
निर्माता विनोद मनकारा बताते हैं कि यह डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह से संस्कृत पर आधारित फिल्म होगी क्योंकि पूरी पटकथा और संवाद प्राचीन भाषा में ही लिखे गए हैं। फिल्म की शूटिंग फरवरी में शुरू होने की उम्मीद है और वर्ल्ड प्रीमियर की योजना अगले साल अप्रैल में है।
निर्देशक की "प्रियमानसम", दुनिया की तीसरी एकमात्र संस्कृत फीचर फिल्म थी, जिसने उस भाषा में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। यह वर्ष 2015 में भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के फीचर खंड में पहली फिल्म भी थी।
निर्माता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ इंटरव्यू में कहा कि जब यानम तैयार हो जाएगा, तो यह दुनिया में संस्कृत में अपनी तरह की पहली प्रोफेशनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म होगी। साइंस और संस्कृत एक अजीब कॉम्बिनेशन है, लेकिन मेरे पास उन्हें क्लब करने के अपने कारण हैं। फिल्म का उद्देश्य राष्ट्र की उपलब्धियों को अपनी भाषा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पेश करना है। यह भाषा और अंतरिक्ष उपलब्धियों दोनों के लिए एक प्रचार होगा।"