अभिनेत्री समीरा रेड्डी अपनी बेबाकी के लिए भी जानी जाती है। वो हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखती हैं। फिर वो चाहें प्रेग्नेंसी के बाद वजन बढ़ना हो, मां बनने के बाद आने वाली चुनौतियां हों या फिर डिप्रेशन की समस्या। अब अभिनेत्री ने खुलासा किया कि हकलाने की समस्या के कारण बचपन में उन्हें कई बार नीचा दिखाया गया है और उनका मजाक भी उड़ाया गया है। इसके बाद आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने में उन्हें कई साल थेरेपी लेनी पड़ी।
हकलाने की समस्या के चलते किया जाता था परेशान
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में समीरा ने अपने बचपन के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मैंने इसे करीब से देखा है। मैं हकलाने की समस्या के साथ बड़ी हुई और इसी वजह से मुझे तंग किया जाता था।
आत्मविश्वास हासिल करने में मुझे कई साल तक थेरेपी लेनी पड़ी। आज भी अगर मैं हकलाती हूं और कोई प्रतिक्रिया देता है, तो यह मुझे बहुत बुरा लगता है। बचपन के लेबल इतने गहरे तक असर डाल सकते हैं। लेबल, चाहे वे सामान्य ही क्यों न हों, बच्चे के आत्मविश्वास को चुपचाप प्रभावित कर सकते हैं।
बार-बार मंदबुद्धि कहने से बच्चों का आत्मविश्वास कम हो जाता है
अभिनेत्री ने आगे बताया कि बार-बार 'मंदबुद्धि' या 'कमजोर' कहे जाने से बच्चों में आंतरिक संदेह पैदा हो सकता है। इससे वे शिक्षा और सामाजिक रूप से प्रयास करने या जोखिम लेने से कतराते हैं। जब किसी बच्चे को बार-बार 'कमजोर' या 'बुद्धू' कहा जाता है, तो वे इस बात पर विश्वास करने लगते हैं। यह विश्वास धीरे-धीरे उनके आत्म-सम्मान को आकार देता है और वे शायद पूरी तरह से प्रयास करना ही छोड़ दें।