मशहूर लेखक सलमान रुश्दी अपने उपन्यास 'मिडनाइट्स चिल्ड्रेन' के फिल्म संस्करण से काफी खुश हैं। फिल्म की पटकथा स्वयं रुश्दी ने लिखी है। यह फिल्म पिछले दिनों भारत सहित कई देशों में रिलीज हुई है।
हालांकि रुश्दी फिल्म का पूरा श्रेय इंडो-कनाडाई फिल्म निर्देशक दीपा मेहता को देते हैं। रुश्दी ने फोन पर एक साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा कि फिल्म की पटकथा पूरी होने के बाद का सारा काम दीपा ने ही संभाला। मेहता और रुश्दी न्यूयार्क फिल्म समारोह में फिल्म के विशेष प्रदर्शन के लिए न्यूयार्क में थे।
रुश्दी ने कहा, "फिल्म एक ही व्यक्ति की हो सकती है। यह दो व्यक्तियों की नहीं हो सकती।" रुश्दी और मेहता फिल्म की शूटिंग के दौरान अक्सर स्काइप पर सलाह-मशविरा करते थे।
रुश्दी फिल्म के कलाकारों के चयन के लिए मेहता के साथ मुम्बई भी गए थे और शूटिंग के लिए श्रीलंका भी गए। मेहता शूटिंग की तस्वीरें हर रोज उन्हें भेजा करती थीं और वह फिल्म के कलाकारों से स्काइप पर बातें करते थे।
हालांकि रुश्दी का यह उपन्यास भारत-पाकिस्तान विभाजन पर आधारित है, पर उन्होंने फिल्म की शूटिंग के लिए श्रीलंका को चुना।
रुश्दी ने कहा कि उपन्यास में उल्लेख किए गए दौर से अब का भारत-पाकिस्तान काफी बदल चुका है, जबकि कोलम्बो फिल्म की कहानी के हिसाब से शूटिंग के लिए वास्तविक शहरों से ज्यादा सटीक था।
फिल्म की कुछ शूटिंग कश्मीर की डल झील, मुम्बई, कराची और आगरा में की गई है। उन्होंने कहा कि आप ही बताइये कि आगरा आए बिना आप फिल्म में एक व्यक्ति को साइकिल पर ताजमहल के पास से गुजरता किस तरह दिखा सकते थे।
रुश्दी ने कहा कि शुरुआत में वह फिल्म की पटकथा लिखने का जिम्मा लेने से झिझक रहे थे, क्योंकि वह एक लेखक हैं कोई पेशेवर पटकथा लेखक नहीं। लेकिन दीपा अपने इरादों में अटल थीं और इस काम के लिए उन्होंने रुश्दी को राजी कर लिया।
रुश्दी ने कहा 'मिडनाइट्स चिल्ड्रेन' का पटकथा लेखन और फिल्म निर्माण एक साझा प्रयास था।