हिट एंड रन मामले में सलमान खान ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए अर्जी डाली है। बृहस्पतिवार सुबह सलमान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। याचिका में कहा गया है कि हिट एंड रन मामले में महाराष्ट्र सरकार की अर्जी पर किसी तरह का सुनवाई अथवा आदेश देने से पहले सलमान खान भी सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 13 साल पुराने मामले में पिछले साल 10 दिसंबर को बांबे हाईकोर्ट ने सलमान खान को बरी कर दिया था। जस्टिस एआर जोशी ने अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयानों में मौजूद त्रुटियों का उल्लेख सलमान खान को निर्दोष करार दिया था।
इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बांबे हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सलमान ने अर्जी डालकर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की बात कही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की एक निचली अदालत ने 12 साल की लंबी सुनवाई के बाद उन्हें 5 साल की सजा सुना दी थी। लेकिन बाद में सलमान खान ने फैसले को हाईकोर्ट चुनौती देकर मामले से निजात पा ली थी और बरी करार दे दिए गए थे।
लेकिन अब जब महाराष्ट्र सरकार एक बार फिर से फाइल के पन्ने खुलवाना चाहती है, तो सलमान ने भी अपना पक्ष रखने की अनुमति मांग ली है। अगली स्लाइड में जानिए, क्या था मामला और सुप्रीम कोर्ट कौन-कौन सी फाइलें फिर से खुलवा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में कौन-कौन से मामले उठेंगे
बई के बांद्रा इलाके में साल 2002 की 27-28 सितंबर की रात को मुंबई के बांद्रा इलाके में अमेरिकन लॉन्ड्री के सामने सलमान खान की लैंडक्रूजर गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ गई थी। जहां बेकरी में काम करने वाले एक मजूदर की मौत हो गई थी और चार घायल हो गए थे। इसके बाद सलमान पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में अगले दिन सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बाद में हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
सलमान खान को बरी करते वक्त बांबे हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस की ओर से सलमान को उपलब्ध कराए गए अंगरक्षक रवींद्र पाटिल की गवाही मान्य नहीं है। जिसके चलते पुलिस की ओर से सलमान पर लगाए गए दोनों आरोप, शराब पीकर गाड़ी चलाना और दुर्घटना के वक्त ड्राइविंग सीट पर होना, नकार दिए गए।
दुर्घटना की रात कमाल खान सलमान के साथ कार में मौजूद थे, हालांकि अभियोजन पक्ष ने उनकी गवाही नहीं ली। इसके बाद कमाल गायब हो गए। अब महाराष्ट्र सरकार फिर से कमाल खान से जुड़े तथ्यों की उधेड़बुन सकती है। इसके अलावा सरकार पक्ष अभी भी अपने पुराने गवाहों, दलीलों की पुनर्निरीक्षण के लिए अपील करेगी।
गौरतलब है कि सरकार का आरोप है कि सलमान जानते थे नशे में गाड़ी चलाना खतरनाक है, फिर भी गाड़ी चलाते रहे। इस दौरान सिपाही रवींद्र पाटिल ने उन्हें गाड़ी तेज चलाने पर चेतावनी दी थी। यहां तक कि वो रास्ते से वाकिफ थे और यह जानते थे फुटपाथ पर लोग हैं, लेकिन बावजूद इसके गाड़ी चलाते रहे। दुर्घटना के बाद वो मदद की बजाय वहां से भाग खड़े हुए। चश्मदीदों ने सलमान को ड्राइवर सीट से उतरते देखा।