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आ गया सलमान खान मामले में फैसला

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बांबे हाईकोर्ट ने सलमान खान के हिट एंड रन मामले में पूरा फैसला सुना दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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हाईकोर्ट ने कहा कि सलमान खान पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हो सके हैं। बृहस्पविवार दोपहर डेढ़ बजे सलमान खान बांबे हाईकोर्ट में पेश होंगे। वहां सलमान खान के 13 साल पुराने हिट एंड रन मामले का फैसला सुनाया जा सकता है।

मामले में इसी साल 6 मई को मुंबई सेशन कोर्ट ने सलमान को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी, जिसे सलमान बांबे हाईकोर्ट में चुनौती थी।

सत्र न्यायालय के फैसले, तथा अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों पर गौर करने के साथ-साथ हर पेंच पर ध्यान देते हुए बांबे हाईकोर्ट ने फैसला लिख लिया है। बीते सोमवार से ही जस्टिस एआर जोशी खुली अदालत में अपना फैसला लिखवा रहे थे।
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उल्लेखनीय है कि 27-28 सितंबर, 2002 की रात को मुंबई बांद्रा की अमेरिकन लॉन्ड्री के सामने सलमान खान की लैंडक्रूजर गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ गई थी। जहां बेकरी में काम करने वाले एक मजूदर की मौत हो गई थी और चार घायल हो गए थे।

फैसले के ऐन पहले क्या कह रहा है कोर्ट

सलमान खान के हिट एंड रन मामले में फैसला सुनाने से ठीक एक दिन पहले बांबे हाईकोर्ट ने दो बड़ी बातें कही थीं। ‌जिनसे ये मामला पूरी तरह नया मोड़ ले सकता है। बुधवार को हाईकोर्ट ने कहा जिस गवाह रवींद्र पाटिल के बयानों के आधार पर आरोप तय किए गए हैं, वह बिल्कुल भी भरोसेयोग्य नहीं है।

दि इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक हाईकोर्ट ने कहा है कि घटना के वक्त एसयूवी कार जिसने लोगों को कुचला, उसे अभिनेता सलमान खान ही चला रहे थे, यह आरोप पूरी तरह विश्‍वसनीय नहीं है। सलमान पर इन आरोपों का आधार उस वक्त सलमान के बॉडीगार्ड रवींद्र पाटिल के बयान हैं। लेकिन अब हाईकोर्ट ने उनको अविश्वसनीय बताया है।

उल्लेखनीय है कि अभियोजन पक्ष के गवाह रवीन्द्र पाटिल सिपाही थे। पाटिल ने अपने शुरुआती बयानों में पुलिस से कहा था कि दुर्घटना के वक्त वो सलमान की बगल में बैठे हुए थे। पाटिल ही थे जिन्होंने दुर्घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई थी।

उनका कहना था कि उन्होंने सलमान को चेतावनी दी थी, लेकिन वो इसके बावजूद बेतहाशा गाड़ी चलाते रहे। पाटिल ने बाद में अपना बयान बदल दिया और अभियोजन पक्ष ने उन्हें बयान से मुकरने वाला गवाह करार दिया। पाटिल को इसके बाद पुलिस बल से भी निलंबित कर दिया गया। वर्ष 2007 में टीबी से उनकी मौत हो गई। अब कोर्ट ने उन्हें अविश्वसनीय करार दिया है।
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दूसरा आरोप भी तय नहीं

बांबे हाईकोर्ट के मामले के अवलोकन के दौरान यह भी पुष्ट नहीं हो पाया है कि घटना के वक्त सलमान गाड़ी चला रहे थे या नहीं, और उन्होंने शराब पी रख थी या नहीं। सलमान के शराब पीने के आरोप का आधार भी रवींद्र पा‌टिल ही थे। उन्होंने ने ही सलमान पर शराब के असर में होने का आरोप लगाया।

इसके अलावा यह भी कहा कि सलमान खान उस रात रेन बार में गए थे, यह तो साबित होता है। लेकिन सलमान को उस रात किसी ने भी शराब पीते हुए नहीं देखा था। उस रात होटल के बिल की तारीख को लेकर भी उलझन है, क्योंकि पुलिस ने 27 सितंबर का बिल पेश किया, लेकिन सलमान जब वहां से निकले, तब तारीख बदल चुकी थी।

यही नहीं, उस वक्त सलमान खान खुद गाड़ी चला रहे थे, इस पर भी भ्रम बरकरार है, क्योंकि किसी ने सलमान खान को गाड़ी चलाते नहीं देखा था। साथ ही यह बातें भी सामने आई हैं कि हादसे के बाद दर्ज की गई एफआईआर सलमान खान के शराब पिए होने की बात नहीं लिखी गई थी। यह आरोप उन पर कुछ दिन बाद जोड़ा गया था।
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