सलमान खान के 13 साल पुराने हिट एंड रन मामले में बांबे हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। उन पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हो पाए हैं। मुंबई की निचली अदालत ने सलमान खान को इस मामले में दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। जिसे सलमान खान ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर फैसला सुनाते हुए बांबे हाईकोर्ट ने उन्हें निर्दोष ठहराया है।
न्यायमूर्ति एआर जोशी ने इस फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयानों में मौजूद त्रुटियों का उल्लेख किया। उन्होनें कहा है कि इस मामले में गवाहों के बयान सलमान को आरोपी सिद्ध नहीं करते। अदालत ने कहा है कि पुलिस की ओर से सलमान को उपलब्ध कराए गए अंगरक्षक रवींद्र पाटिल की गवाही मान्य नहीं है।
कोर्ट ने सलमान को शराब पीकर गाड़ी चलाने और दुर्घटना के वक्त ड्राइविंग सीट पर होने के दोनों आरोपों को नकार दिया है। ये दोनों आरोप मुंबई पुलिस ने रवींद्र पाटिल के बयान के आधार पर लगाए थे, जिसे अदालत ने अमान्य करार दिया है।
इसके अलावा सलमान के विरोध में पेश किए गए अन्य सबूत, जैसे कि उस रात होटल रेन बार का बिल, सलमान के खून का सैंपल व गवाह संख्या 7 व 8 में त्रुटियां पाई गईं। होटल के बिल में सलमान के शराब खरीदने के तथ्य मौजूद नहीं है। सलमान के खून का सैंपल लेने से पहले उनकी सहमति वाले कागजात में उनके हस्ताक्षर मौजूद नहीं हैं।
इसके अलावा सलमान के ड्राइवर अशोक सिंह को 12 साल बाद कोर्ट में गवाही के लिए पेश किए जाने को भी हाईकोर्ट ने सही ठहराया है, जिसमें उसने कहा था कि दुर्घटना के वक्त गाड़ी सलमान नहीं बल्कि वो गाड़ी चला रहा था।
अभी भी फंस सकते हैं सलमान खान
बांबे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अभियोजन पक्ष महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना लिया है। महाराष्ट्र सरकार बांबे हाईकोर्ट के सलमान को निर्दोष करार देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
उल्लेखनीय है कि मुंबई के बांद्रा इलाके में साल 2002 की 27-28 सितंबर की रात को मुंबई के बांद्रा इलाके में अमेरिकन लॉन्ड्री के सामने सलमान खान की लैंडक्रूजर गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ गई थी। जहां बेकरी में काम करने वाले एक मजूदर की मौत हो गई थी और चार घायल हो गए थे। इसके बाद सलमान पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में अगले दिन सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया था।
लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें थाने से जमानत मिल गई थी। मामले की 13 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद इसी साल 6 मई को मुंबई सेशंस कोर्ट ने सलमान को दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ सलमान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की थी।
इसमें सरकार पक्ष की दलील थी कि सलमान जानते थे नशे में गाड़ी चलाना खतरनाक है, फिर भी गाड़ी चलाते रहे। इस दौरान सिपाही रवींद्र पाटिल ने उन्हें गाड़ी तेज चलाने पर चेतावनी दी थी। यहां तक कि वो रास्ते से वाकिफ थे और यह जानते थे फुटपाथ पर लोग हैं, लेकिन बावजूद इसके गाड़ी चलाते रहे। दुर्घटना के बाद वो मदद की बजाय वहां से भाग खड़े हुए। चश्मदीदों ने सलमान को ड्राइवर सीट से उतरते देखा।
इस पर सलमान अपना पक्ष रखा कि उस रात उन्होंने ग्लास में शराब नहीं पानी पिया था। दुर्घटना के वक्त ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। वह मौके से नहीं, बल्कि लोगों की मदद की थे। चूंकि दुर्घटना में उनका गेट जाम था इसलिए वह ड्राइवर की सीट की तरफ से उतरे थे।