चिंकारा केस को लेकर एक बार फिर से विवाद उठा है। जोधपुर कोर्ट ने 4 फरवरी को सलमान खान, सैफ अली खान, नीलम और तब्बू को पेश होने का आदेश दिया है। ये केस 1998 में जोधपुर कोर्ट में दायर किया गया था जब सलमान खान फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग कर रहे थे। इस फिल्म में सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू और नीलम ने काम किया था।
शूटिंग के दौरान सलमान खान सहित चारों एक्टर जोधपुर के जंगल में दो काले हिरण और दो चिंकारा का शिकार करने को लेकर विवादों में घिर गये और उनके ऊपर केस दर्ज कराया गया था। 2002 में इस केस के खिलाफ चार्जशीट दर्ज की गयी। तहकीकात के दौरान सलमान खान के पास से एक गन और पिस्टर मिली जिसका लाइसेंस राजस्थान के लिए वैलिड नहीं था।
उस समय ये अफवाह भी उड़ाई गयी कि काले हिरण की मौत ज्यादा खाने से हुई ना कि गोली से। बाद में जब डीएनए टेस्ट कराया गया तो पता चला की उसकी मौत गोली लगने से ही हुई थी। सलमान खान शुरुआत में इस केस के चलते जोधपुर की जेल में पूरे तीन बिताए और उसके बाद इस केस के पूरी तरह से साबित होने पर सलमान खान को पूरे एक साल की कैद की सजा सुनाई गयी थी।
इस मामले में बचाव पक्ष के वकील हस्तीमल सारस्वत ने कहा कि लोअर कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता, वन्यजीवन कानून और सैन्य अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत सलमान खान पर आरोप तय किया था। सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम, दुष्यत सिंह और दिनेश गावरे सहित अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और वन्यजीवन कानून के तहत आरोप तय किए गए थे।
आरोपियों ने इसके बाद सेशन कोर्ट में पुनरीक्षा याचिका दायर की थी जिसने सलमान खान को आईपीसी की धारा 148 और शस्त्र कानून की धारा 27 से और अन्य आरोपियों को वन्यजीवन कानून की धारा 51 और आईपीसी की धारा 147 और 149 से बरी कर दिया था। सारस्वत ने कहा कि राज्य सरकार ने इसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने सलमान के मामले में सेशन कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 149 को भी जोड़ दिया था।