अगले महीने होगी सुनवाई
राम गोपाल वर्मा ने इस महीने की शुरुआत में सत्र न्यायालय के समक्ष आदेश को चुनौती दी थी। अपील पर गुरुवार को सुनवाई हुई, जिसमें उनके वकील ने फिल्म निर्माता के लिए जमानत मांगी और सजा को निलंबित करने की मांग की। सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई अगले महीने के लिए निर्धारित की है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत 'श्री' नामक फर्म ने अपने एक पार्टनर महेश चंद्र मिश्रा के माध्यम से 2018 में दर्ज कराई थी। इसके वकील राजेश कुमार पटेल और आलोक सिंह ने दलील दी थी कि कंपनी पिछले कई सालों से हार्ड डिस्क उपलब्ध कराने के कारोबार में लगी हुई है। फर्म ने फरवरी 2018 से मार्च 2018 तक वर्मा की कंपनी को हार्ड डिस्क उपलब्ध कराई थी, जिसके लिए शिकायतकर्ता ने 2,38,220 रुपये का बिल बनाया था।
राम गोपाल वर्मा का चेक बाउंस
हालांकि, 1 जून 2018 को जब शिकायतकर्ता ने बकाया चुकाने के लिए राम गोपाल वर्मा द्वारा दिया गया चेक जमा किया तो वह फंड अपर्याप्त होने के कारण बाउंस हो गया। जब शिकायतकर्ता ने वर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने दूसरा चेक दिया, वह भी ड्राअर द्वारा भुगतान रोके जाने के कारण बाउंस हो गया, इसलिए शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट, अंधेरी में चेक बाउंस होने के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज कराई। फिल्म निर्माता ने इस बात पर विवाद किया था कि चेक पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे और न ही वे उनके द्वारा जारी किए गए थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने उनके दावे को खारिज करते हुए कहा, 'उन्हें अभियुक्त द्वारा संभावित बचाव दिखाने के लिए कोई सामग्री नहीं मिली।'