अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी। जिसके बाद कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) और समाचार प्रसारक संघ (एनबीए) से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति नवीन चावला ने तीनों से पूछा है कि उन्होंने रकुल की शिकायत को प्रतिवेदन के तौर पर निपटाने के 17 सितंबर के उसके आदेश पर क्या कदम उठाए हैं।
रकुल ने इस मामले में नई याचिका दायर की है। उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की कि वह मंत्रालय, पीसीआई और एनबीए को यह सुनिश्चित करने का अंतरिम निर्देश दे कि मीडिया रिया से संबंधित मामले से उन्हें जोड़ते हुए किसी कार्यक्रम का प्रसारण या कोई लेख प्रकाशित न करे।
कोर्ट ने अंतरिम निर्देश देने से इनकार कर दिया, लेकिन एनबीए से उनके प्रतिवेदन पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने मंत्रालय, पीसीआई और एनबीए को सुनवाई की अगली तारीख से पहले रकुल की अर्जी पर की गई कार्रवाई और स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।
रकुल का कहना है कि मीडिया में चलाई जा रही खबरों से उनकी इमेज खराब हो रही है। उन्होंने उनके खिलाफ ड्रग्स को लेकर हो रही रिपोर्टिंग को रोकने की मांग की थी।
रकुल के वकील ने मांग की थी कि मीडिया में रकुल से जुड़ी किसी भी खबर को दिखाने पर रोक लगाई जाए। मीडिया में दिखाई जा रही रिपोर्ट का सुशांत सिंह राजपूत केस में हो रहे ट्रायल पर भी गलत असर पड़ेगा। रकुल की ओर से वकील ने कहा कि जब एनसीबी ने उन्हें पेश होने के लिए कहा तब वो पेश हुई हैं। मीडिया ने उन्हें उनके मुंबई स्थित घर को घेर लिया है जबकि वो हैदराबाद में थीं। उन्हें तब तक नोटिस भी नहीं मिला था।