जब से राजू श्रीवास्तव एम्स में भर्ती हुए थे, तभी से लोग उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। राज पाल यादव कहते हैं, 'मुझे मन और तन से विश्वास नहीं हो रहा है कि राजू भाई शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं रहे। मुझे लग रहा था कि वह ठीक होकर पुनः मनोरंजन की दुनिया में अपने तरीके से सेवा देंगे। उनका जाना बहुत ही दुखद है। मैं तो परमात्मा से हर रोज प्रार्थना कर रहा था कि राजू भाई जल्दी से ठीक होकर आ जाएं, लेकिन परमात्मा के आगे किसी का बस नहीं चलता।'
राजू श्रीवास्तव का इस दुनिया को छोड़कर जाना उनके परिवार, प्रशंसक और मित्र, सबके लिए दुखद है। राजपाल यादव कहते हैं, 'परमात्मा का फैसला, जिसने हमें बनाया है। वह सबसे बड़ा है। उनके फैसले के आगे, मैं नतमस्तक हूं। भगवान से मैं यही प्रार्थना करता हूं कि राजू भाई जहां भी रहें, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। परिवार, प्रशंसक और मित्र को दुख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति दे।
राजू श्रीवास्तव ने हर किसी के दुख भरे चेहरे पर खुशी लाने की कोशिश की है। जब भी वह किसी को दुखी या निराशा देखते थे तो, उसके चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करते थे। राजपाल यादव कहते हैं, 'राजू भाई ने जिस विधा में रहकर लोगों की मनोरंजन के माध्यम से सेवा की है, उस विधा के लिए वह हमेशा जाने जाएंगे। शारीरिक रूप से भले ही वह हमारे बीच नहीं है, लेकिन हमारी यादों में हमेशा रहेंगे।'