औंधे मुंह गिरी फिल्म, राजपाल यादव को हुआ घाटा
फिल्म 'अता पता लापता' बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं। कथित तौर पर राजपाल यादव को आर्थिक नुकसान हुआ। कर्ज के रूप में ली गई कंपनी की धनराशि वे लौटा नहीं पाए। इसके बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया। कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ केस किया और साथ ही यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने लोन वापस करने के लिए जो कुछ चेक जारी किए थे वे सभी बाउंस हो गए। एक्टर के खिलाफ चेक बाउंस का केस दर्ज किया गया। ये चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे नहीं मिले।
राजपाल यादव ने बार-बार तोड़ा कोर्ट का भरोसा
चेक बाउंस मामले में निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पहले हाईकोर्ट ने अभिनेता की सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया था, लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएंगे। कोर्ट में कई बार वादा किया गया, लेकिन राजपाल यादव ने बार-बार पैसे नहीं चुकाए। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं।
हाईकोर्ट ने अपनाया सख्य रवैया
कोर्ट में कई बार समझौता हुआ, बार-बार राजपाल यादव ने पैसे देने का वादा किया। मगर, उन्होंने समय पर पैसे नहीं दिए। कोर्ट ने उन्हें कई मौके दिए, लेकिन हर बार वादा तोड़ा गया। 02 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अब और राहत नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट ने 02 फरवरी 2026 को राजपाल यादव को आदेश दिया था कि वे बुधवार 04 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर दें। साथ ही एक्टर की इस बात को लेकर आलोचना भी हुई कि उन्होंने बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा है। आश्वासन देने के बावजूद पैसों का भुगतान नहीं किया।
अभिनेता ने मांगी थी और मोहलत, मगर कोर्ट ने दिखाई सख्ती
हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राजपाल यादव ने 04 फरवरी को सरेंडर नहीं किया। साथ ही इस मामले में और मोहलत मांगी, मगर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट की सख्ती और कोई मोहलत न मिलने के बाद आखिर राजपाल यादव ने आज गुरुवार को तिहाड़ में आत्मसमर्पण कर दिया है।