लोकप्रिय म्यूजिक कंपोजर एवं डायरेक्टर एआर रहमान बीते दिनों बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर की गई एक टिप्पणी को लेकर काफी विवादों में रहे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बॉलीवुड को कथित तौर पर 'सांप्रदायिक' बताया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई। रहमान ने बाद में वीडियो जारी कर सफाई पेश की थी कि उनका ऐसा मतलब नहीं था। हाल ही में संविधान सम्मान मंच के पदाधिकारी करन सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में रहमान की टिप्पणी पर आपत्ति जाहिर की है। जानिए उन्होंने क्या कहा?
एआर रहमान भारत को अस्थिर क्यों बताते हैं?
अमर उजाला से बात करते हुए करन सिंह ने सबसे पहले एआर रहमान को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले तो यह समझ ही नहीं आया कि एआर रहमान अचानक ऐसी सांप्रदायिक बातें क्यों बोल रहे हैं। बाहर की मीडिया जैसे 'द गार्जियन' में वह भारत को साम्प्रदायिक रूप से अस्थिर बताते आ रहे हैं। 'छावा' जैसी फिल्म, जो छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य पर बनी है, उसे वह 'विभाजनकारी' कहते हैं। यह बयान सीधे सीधे देश की छवि को खराब करते हैं। यह गैर-जिम्मेदाराना हैं, भारत-विरोधी हैं और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वाले हैं।