साउथ के फिल्मों के सुपरस्टार और रजनीकांत के दामाद की पहली हिंदी फिल्म रांझणा 21 जून को रिलीज हो रही है। धनुष अपनी पहली फिल्म से उत्साहित भी हैं और डरे हुए भी। इस फिल्म को लेकर धनुष ने अमर उजाला के साथ लंबी बातचीत की। पेश हैं उनके साथ बातचीत के चुनिंदा अंश,
एक अरसे से आपको हिंदी फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं ऐसे में 'रांझणा' को हां करने की क्या वजह थी?
हां मुङो 2008 से ही हिंदी फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं। मैं अपनी एक के बाद एक तमिल फिल्मों में मशरुफ था। मैंने किसी भी हिंदी फिल्म को हां नहीं कहा। रांझणा ऑफर हुई तो पहले मैंने इसे भी मना कर दिया था।
इस फिल्म के निर्देशक आनंद सर ने कहा कि मुङो सिर्फ तुमसे 15 मिनट मिलना है। वे कोलकाता मुझसे मिलने के लिए पहुंच गए। मैं "कोलावरी डी" का प्रमोशन कर रहा था। जैसे ही कहानी उन्होंने शुरू की। मैं फिल्म से पूरी तरह से जुड़ गया। इस फिल्म के ज्यादातर सीन मेरी जिदंगी का हिस्सा हैं।
'रांझणा' के वो सीन आपके रियल लाइफ में कब घटे थे?
उस वक्त मैं 16 साल का था। वह लड़की दूसरी स्कूल में पढ़ती थी और मैं दूसरे स्कूल में। उसका प्यार पाने के लिए क्या क्या नहीं किया था। उसने मुङो हां भी कह दिया था लेकिन ज्यादा दिनों तक यह प्यार नहीं चल सका।
उसने प्रैक्टिकल निर्णय लेते हुए मुङो छोड़ दिया उसे लगा कि मुझ जैसा साधारण शक्लोसूरत वाला क्या फिल्मों में अपनी जगह बना पाएगा। मुङो उसकी सोच से कोई शिकायत नहीं है। आज भी वह मेरा पहला प्यार है और रहेगी।
आपकी पत्नी ऐश्वर्या से पहली बार कब और कैसे मिले थे?
मेरी दूसरी फिल्म कधाल कोंदेन रिलीज हुई थी। पूरे परिवार के साथ मैं गया था थिएटर में दर्शकों का रिएक्शन देखने के लिए। वहां पर थिएटर के मालिक ने मुङो ऐश्वर्या से मिलवाया यह कहते हुए कि यह रजनी सर की बेटी हैं।
उसके बाद उन्होंने मुङो फूलों का गुलदस्ता भेजा जिसमे लिखा था आपने अच्छा काम किया है। साथ ही लिखा था किप इन टच। मैंने उसकी बात को गंभीरता से लिया और टच में रहने लगा। यहीं से हमारी मोहब्बत हौले-हौले परवान चढ़ने लगी।
इस फिल्म को लेकर आपके ससुर और द ग्रेट रजनीकांत और आपकी पत्नी ऐश्वर्या की क्या प्रतिक्रिया रही है?
रजनी सर ने अब तक इस फिल्म का प्रोमो नहीं देखा है और न ही इस फिल्म को लेकर हमारी कोई बात हुई है। हम फिल्मों पर बहुत कम ही बात करते हैं। अपने सारे निर्णय मैं खुद ही लेता हूं।
हां ऐश्वर्या बहुत खुश है। खासकर मुङो हिंदी बोलता देखकर। साउथ में भी सब बहुत खुश है। उत्सव जैसा माहौल है। उम्मीद करता हूं कि फिल्म की रिलीज के बाद भी यह माहौल रहे।
आप दक्षिण भारत से हैं और आपका किरदार कुंदन उत्तर से। ऐसे में आपके लिए किरदार को निभाना कितना मुश्किल रहा है?
सिर्फ हिंदी पर काम करना पड़ा। मैं हिमांशु शर्मा का जरूर शुक्रगुजार हूं। मेरी हिंदी को बेहतरीन तरीके से डबिंग करवाने में उन्होंने मेरी बहुत मदद की। वरना तो मेरी हिंदी सुनकर दर्शक भाग गए होते। मैं अपनी हिंदी पर अब भी काम कर रहा हूं। उम्मीद है कि अपनी अगली हिंदी फिल्म की शूटिंग के बाद मैं आपके सारे सवालों के जवाब हिंदी में ही दूं।
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अब तक कई साउथ के स्टार किस्मत आजमा चुके हैं लेकिन अब तक कोई खास कमाल नहीं कर पाए हैं क्या आपको लगता है कि आप खुद को साबित कर पाएंगे।
मेरे दिमाग में यह सब कुछ भी नहीं है। मैं इस तरह से नहीं सोच रहा हूं। मैं सिर्फ आनंद सर के बारे में सोच रहा हूं। मेरी फिल्म 'आदूकलाम' को यूटय़ूब पर देखकर उन्होंने तय कर लिया कि रांझणा का कुंदन मैं ही होऊंगा। मैं उनके उस विश्वास पर खरा उतरना चाहता हूं। जब फिल्म रिलीज हो तो उन्हें अपने फैसले पर पछतावा न हो बस यही चाहता हूं।
सुनने में आ रहा है कि 'रांझणा' की वजह से आपकी तमिल फिल्म मरियान का भविष्य अधर में लटक गया है क्या अब आपकी प्राथमिकता सिर्फ हिंदी फिल्में रह गयी हैं।
यह खबर गलत है। 'मरियान' पूरी हो गयी है। 'रांझणा' 21 जून को रिलीज हो रही है। उसका अब तमिल वजर्न भी आ रहा है इसलिए इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि दोनों एक दूसरे के बिजनेस को नुकसान न पहुंचाए।
जहां तक प्राथमिकता की बात है हिंदी या तमिल फिल्में नहीं बल्कि मैं अच्छी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहता हूं और मुङो लगता है कि अब तमिल और हिंदी सिनेमा जैसे बात नहीं रही है। यहां के लोग वहां काम कर रहे है यहां के वहां। अब सब भारतीय सिनेमा होता जा रहा है।
अगर तमिल की एक अच्छी फिल्म और हिंदी की भी एक अच्छी फिल्म ऑफर हो तो आप किसे चुनेंगे।
(हंसते हुए) तब मैं उस फिल्म को चुनूंगा जो मुङो सबसे ज्यादा मेहनताना देगी।
कोएक्टर के तौर पर सोनम कपूर का साथ कितना खास रहा?
सोनम बहुत ही प्यारी एक्ट्रेस है और उनके धैर्य की तारीफ करनी होगी। मेरी खराब हिंदी को उन्होंने बहुत ङोला है। खासकर कभी भी उन्होंने मेरी हंसी नहीं उड़ायी बल्कि मुङो सपोर्ट ही किया।
क्या आप हिंदी फिल्मों के दर्शक हैं और आपकी ख्वाहिश किन निर्देशकों के साथ काम करने की है।
ज्यादा नहीं थोड़ी बहुत मैंने हिंदी फिल्म देखी है। आखिरी हिंदी फिल्म मैंने 'बर्फी' देखी है। जो मुङो बहुत पसंद आयी थी। मेरी ख्वाहिश आनंद एल राय के साथ ही काम करने की ही है क्योंकि मैं उनके साथ बहुत सहज हूं।
रनबीर कपूर के साथ आपकी दोस्ती की खबरें आए दिन खबरों में आ रही हैं?
मैंने भी ऐसी खबरें पढी हैं लेकिन दोस्ती जैसा हमदोनों के बीच कुछ नहीं है। हां हमने एक दो बार फोन पर जरूर बात की है। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।
बनारस में शूटिंग का अनुभव कितना खास रहा है?
आनंद सर फिल्म की शूटिंग से पहले मुङो बनारस दिखाने ले गए थे। उत्तर भारत हो या दक्षिण जगह के मामले में एक से ही लगते हैं हां संस्कृति जरूर अलग है। बनारस में कुछ ऐसा है जो मैं नहीं बता सकता हूं। 70 दिनों की शूटिंग के दौरान मैंने कोई सपना नहीं देखा।
इतनी पवित्र जगह थी कि मैं आराम से सो जाता और सुबह उठ भी जाता था। मैं शाकाहारी हूं इसलिए बनारस और मुङो रास आया। वहां की पूडी और आलू की सब्जी जमकर खाता था। चाट समोसा भी बहुत टेस्टी था। सबसे खास बात यह थी कि मैंने बनारस की गलियों में होली खेली थी।
खबरें आ रही हैं कि आपने आनंद एल राय की अगली फिल्म भी साइन कर ली है?
हां इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान वह एक फिल्म का आइडिया लेकर आए थे मैंने कहा कि हम करेंगे बाद में फिल्म की शूटिंग के दौरान हम इतने सहज हो गए कि मैंने इस फिल्म को भी हां कह दिया। वैसे यह फिल्म 'तनु वेड्स मनु' का सीक्वल नहीं है। इस फिल्म का मैं सह निर्माता भी हूं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता