फिल्मों के कंटेंट पर बाल्की का कटाक्ष
आर बाल्की ने बीते कुछ साल में रिलीज हुई फिल्मों के कंटेंट पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'पिछले चार, पांच वर्षों में जो भी कुछ ब्लॉकबस्टर फिल्में हुई हैं, वे वास्तव में सबसे खराब फिल्में रही हैं। मैं सिर्फ यह कह रहा हूं, न केवल बौद्धिक या कलात्मक दृष्टिकोण से, बल्कि मसाला, पैसा वसूल' जैसे एहसास से भी। इसके अलावा, वे बहुत उबाऊ हैं।'
मनमोहन देसाई की फिल्मों से की तुलना
प्रतिष्ठित मनमोहन देसाई की फिल्मों से हालिया रिलीज फिल्मों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, 'अगर आप मनमोहन देसाई की फिल्म लें, तो मुझे याद है कि इसमें अमित जी का पूर्वव्यापी चित्रण था। और मैं अमर अकबर एंथोनी, नसीब, ये सभी मनमोहन देसाई की फिल्में देख रहा था। बहुत मजा आया। हमारी ब्लॉकबस्टर फिल्मों का मजा पूरी तरह से खत्म हो गया है।'
'ब्लॉकबस्टर फिल्मों में मनोरंजन मूल्य की कमी'
ब्लॉकबस्टर फिल्मों में मनोरंजन मूल्य की कमी लेकिन फिर भी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई करने पर बाल्की ने बताया कि फिल्में प्रोजेक्ट की तरह बन गई हैं, जो मार्केटिंग धारणाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आर बाल्की ने जोड़ा, 'यह एक प्रोजेक्ट की तरह बन गया है। उस चीज के साथ एक अर्थशास्त्र जुड़ा हुआ है। वे इसे पुनर्प्राप्त करना चाहते हैं, वे यह पैसा लगा रहे हैं, वे मार्केटिंग बढ़ा रहे हैं। यह विपणन है। यह बस लोगों को इस बात पर विश्वास करने के लिए प्रेरित कर रहा है कि कुछ अच्छा है।'