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'अत्याचार दिखाने वाली फिल्म पर प्रतिबंध नहीं...', पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किया 'सतलुज' का बचाव

Tue, 07 Jul 2026 02:30 PM IST
अंजू बाजपेयी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Harpal Singh Cheema Defends Satluj: दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया है। इस फिल्म के बचाव में पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बयान दिया है।
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दिलजीत और हरपाल सिंह चीमा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास और वहां हुए अत्याचारों को दिखाने वाली फिल्म पर रोक लगाना बिल्कुल गलत है।
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मंत्री हरपाल सिंह चीमा का क्या कहना है?
एएनआई से बातचीत के दौरान, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' का बजाव किया है। हरपाल ने कहा कि यह फिल्म पंजाब के एक मुश्किल दौर (विशेषकर 1992 से 1997 के बीच कांग्रेस सरकार के समय) में युवाओं पर हुए अत्याचारों को दिखाती है। उनका दावा है कि इस फिल्म से बीजेपी और कांग्रेस दोनों की कमियां सामने आती हैं, इसलिए इसे हटाया गया है।

फिल्म को क्यों हटाया गया?
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फिल्म को नियमों का पालन किए बिना इसे रिलीज किया गया था। फिल्म के पास सिनेमाघरों में रिलीज के लिए जरूरी सेंसर सर्टिफिकेट नहीं था। दिलजीत की फिल्म 'पंजाब95' को अब तीन साल बाद 'सतलुज' नाम से ओटीटी पर रिलीज किया गया, लेकिन दो दिन बाद इसे ओटीटी प्लेफॉर्म से हटा दिया गया। जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।

100 कट्स का सुझाव
सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'सतलुज' में करीब 100 बदलाव करने को कहा था। आरोप है कि मेकर्स ने वे बदलाव करने के बजाय फिल्म का नाम बदलकर उसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम डिजिटल मीडिया के नियमों के खिलाफ है।
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किस पर आधारित है फिल्म? 
यह फिल्म पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर बनी है। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पुलिस द्वारा की गई कथित अवैध हत्याओं और गुप्त रूप से शवों को जलाने के मामलों को उजागर किया था।

1995 में उनका अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह और सुविंदर विक्की जैसे कलाकारों ने काम किया है।

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