आज सलमान खान की टीम ने अपकमिंग फिल्म 'काला हिरण' के मेकर्स को एक कानूनी नोटिस भेजकर इस फिल्म को रुकवाने की मांग की। इस मामले पर फिल्म के निर्माता अमित जानी ने प्रतिक्रिया दी है। माना जा रहा है कि यह फिल्म सलमान खान के चल रहे काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। मगर अमित जानी ने इस दावे से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म पूरी तरह से पब्लिक डोमेन में मौजूद जानकारी पर आधारित है। इसका फोकस बिश्नोई समुदाय के वन्यजीवों को बचाने के संघर्ष पर है।
सलमान खान
- फोटो : इंस्टाग्राम@beingsalmankhan
सलमान की बायोपिक नहीं 'काला हिरण'
इंडिया टुडे से बातचीत में अमित जानी ने कहा 'यह नोटिस जल्दबाजी में भेजा गया है। यह फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। यह लीगल कार्रवाई गैर-जरूरी है। एक पोस्टर के अलावा, फिल्म के बारे में अब तक और कुछ भी सामने नहीं आया है। इसका टीजर 20 जून को आने वाला है। मैं इस लीगल नोटिस से हैरान हूं। यह मामला और उससे जुड़ी घटनाएं पब्लिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं और उन्हें स्क्रीन पर दिखाया जा सकता है। यह फिल्म एक बड़ी कहानी पर आधारित है, जिसमें बिश्नोई समुदाय, उनका संघर्ष और वन्यजीवों के साथ उनका गहरा जुड़ाव शामिल है।'
सलमान खान
- फोटो : एक्स@@BeingSalmanKhan
सलमान को नकारात्मक नहीं दिखाती फिल्म
अमित जानी ने आगे कहा 'मैंने सलमान खान को नकारात्मक तौर पर नहीं दिखाया है, न ही लॉरेंस बिश्नोई को महिमामंडित किया है। यह फिल्म वही दिखाती है जो पहले से ही पब्लिक डोमेन में मौजूद है और यह बिश्नोई समुदाय की मान्यताओं और इतिहास को उजागर करती है।'
उन्होंने आगे कहा 'अगर अदालत हमें बुलाती है, तो हम पेश होंगे और उसके सामने अपना पक्ष रखेंगे। हमने पिछले मामलों में भी ऐसा किया है और हम कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे।'
क्या है मामला?
दरअसल सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म 'काला हिरण' के निर्माताओं को एक नोटिस भेजा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह फिल्म अभिनेता के चल रहे काले हिरण शिकार मामले पर आधारित है। नोटिस में फिल्म की रिलीज पर तुरंत रोक लगाने और इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी पोस्टर व प्रचार सामग्री को हटाने की मांग की गई है। इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर निर्माता इन मांगों को पूरा करने में विफल रहते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।