सिर्फ लोकप्रियता के लिए कुछ मत जोड़ना
नीम करोली बाबा के बारे में बात करते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि किसी ऐसे महान और सिद्ध संत की आध्यात्मिक अवस्था की सही मायने में नकल करना संभव नहीं है।
उन्होंने फिल्म की टीम को सलाह दी कि बाबा के बारे में उन्होंने जो पढ़ा और सुना है, उसी के आधार पर कहानी को पेश करें। सिर्फ फिल्म को ज्यादा आकर्षक या लोकप्रिय बनाने के लिए ऐसी बातें नहीं जोड़नी चाहिए, जिनकी कोई पुष्टि नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर दर्शक फिल्म देखने भी नहीं आते हैं, तब भी मेकर्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि संत के जीवन को किस तरह पर्दे पर दिखाया जा रहा है।
प्रेमानंद महाराज ने यह भी कहा कि किसी महान आध्यात्मिक व्यक्ति का किरदार निभाने वाले कलाकारों और फिल्ममेकर्स को पूरी ईमानदारी के साथ इस काम को करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए आध्यात्मिक अभ्यास करने, अनुशासित और सात्विक जीवनशैली अपनाने, संतों की जीवनियां पढ़ने और आध्यात्मिक लोगों की संगति में समय बिताने की सलाह दी।