पूजा भट्ट ने किया 'आरआरआर' का सर्मथन
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दक्षिण भारतीय फिल्मों के सफलतम निर्देशकों में से एक एसएस राजामौली ने साबित कर दिया है कि वह किसी भी मायने में हॉलीवुड डायरेक्टर्स से कम नहीं हैं। 'बाहुबली' से लेकर 'आरआरआर' जैसी फिल्म बनाने तक का उनका सफर बहुत ही बेहतरीन रहा है। और अब उनकी फिल्म 'आरआरआर' द्वारा 'नाटू नाटू' के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत का गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीतने के बाद से पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। जहां सभी लोग इसकी जीत से उत्साहित हैं, वहीं कुछ नेटिजन्स ऐसे भी हैं जिन्होंने टीम आरआरआर की जीत को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। ऐसे में पूजा भट्ट ने ट्रोल्स को सोशल मीडिया के जरिए तीखा जवाब देते हुए आड़े हाथों लिया है।
एसएस राजामौली निर्देशित और जूनियर एनटीआर- राम चरण अभिनीत फिल्म को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में दो प्रमुख कैटेगरीज - बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग और बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म के लिए नॉमिनेट किया गया था। इन कैटेगरी में से इसने टेलर स्विफ्ट, रिहाना और लेडी गागा जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों को मात देते हुए बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग का अवॉर्ड जीतने में कामयाबी हासिल की थी। 'आरआरआर' के गोल्डन ग्लोब जीतने के बाद सभी लोग काफी खुश हैं, लेकिन कुछ लोगों ने फैसले पर सवाल उठाते हुए फिल्म को ट्रोल किया था। ऐसे में पूजा भट्ट ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए 'आरआरआर' का समर्थन किया और ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब भी दिया।
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पूजा भट्ट ने नेटिजन्स को फटकार लगाते हुए लिखा, 'इंसान की फितरत है कि वो अपना दुख झेल लेता है पर दूसरों का सुख बर्दाश्त नहीं कर सकता।' इतना ही नहीं पूजा भट्ट ने पूरी 'आरआरआर' की टीम को बधाई भी दी। पूजा भट्ट ने 'नाटू नाटू' के कंपोजर एमएम कीरावानी के प्रयास की सराहना करते हुए ट्विटर पर टीम को बधाई दी। वह लिखती हैं, 'यह सौभाग्य की बात है कि इनमें से पांच संगीत रत्न मोई द्वारा निर्मित फिल्मों से हैं। दिल से बना संगीत दिल तक पहुंचता है।' आपको बता दें, एमएम कीरावानी और पूजा ने कई हिंदी फिल्मों में एक साथ काम किया है। इनमें जख्म (1998), जिस्म (2003), रोग (2005) और धोखा (2007) जैसी फिल्में हैं।
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