अदालत ने अपने फैसले में कहा, "जांच अधिकारी को यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला कि सबा कमर और बिलाल सईद ने जानबूझकर धार्मिक स्थल को क्षतिग्रस्त, अपवित्र या अनादर किया है।" बल्कि, वे कलाकार होने के नाते औकाफ विभाग और धार्मिक मामलों के विभाग, पंजाब सरकार, लाहौर से अनुमति लेकर शूटिंग में शामिल हुए।" इसके अलावा जांचकर्ता मस्जिद में शूटिंग के दौरान बजाए जाने वाले किसी वाद्य यंत्र को भी पेश करने में भी विफल रहे।
ये था पूरा मामला
सबा करीम पर पाकिस्तान की एक ऐतिहासिक मस्जिद में एक डांस वीडियो शूट करने का आरोप था। पुलिस ने सबा कमर और गायक बिलाल सईद के खिलाफ 2020 में लाहौर में मस्जिद वज़ीर खान को कथित रूप से अपवित्र करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसके बाद अभिनेत्री के साथ-साथ सईद के खिलाफ भी लाहौर की मजिस्ट्रेट अदालत ने जमानती वारंट जारी किए थे। इस मामले में पंजाब सरकार ने मस्जिद की पवित्रता के उल्लंघन के मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी बर्खास्त कर दिया था।
मामले ने पकड़ लिया था तूल
सबा और सईद के खिलाफ प्राथमिकी के मुताबिक, दोनों कलाकारों ने एक डांस वीडियो बनाकर मस्जिद की पवित्रता को रौंदा था। इसके बाद पाकिस्तान के लोगों में आक्रोश फैल गया था। कथित तौर पर सबा ने मस्जिद में डांस वीडियो शूट किया था। सोशल मीडिया पर अभिनेत्री को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था, हालांकि इस पूरे मामले के बाद सब और सईद ने माफी भी मांगी थी। बता दें की सबा एक पाकिस्तानी एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने बॉलीवुड में काम करके भी नाम कमाया है।