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सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर बोले निहलानी, 'अपने काम पर कोई पछतावा नहीं है'

Sat, 12 Aug 2017 12:20 PM IST
amarujala.com- Presented by: संगीता तोमर
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पहलाज निहलानी
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शुक्रवार को पहलाज निहलानी को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया और उनकी जगह लेखक-गीतकार प्रसून जोशी को ये कमान सौंप दी और सभी ने इस फैसले का स्वागत किया। पिछले दो-तीन सालों से फिल्मों के सर्टिफिकेशन और सींस काटने को लेकर पहलाज निहलानी और बॉलीवुड के बीच खींचतान और आर-पार की लड़ाई होती रही, लेकिन अब इस बात की उम्मीद है कि सेंसर के अच्छे दिन आएंगे।
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लोगों को लगा कि पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर शॉक्ड होंगे, लेकिन उनका कहना है कि वो काफी खुश हैं।

इस फैसले का स्वागत करते हुए पहलाज निहलानी ने मिड-डे को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मुझे बिल्कुल भी शॉक नहीं लगा बल्कि मैं तो बहुत खुश हूं और काफी रिलेक्स महसूस कर रहा हूं। मैंने पूरी ईमानदारी और लगन से अपना काम किया है और अब मैं पूरी फिल्म इंडस्ट्री को शुभकामनाएं देना चाहता हूं...साथ ही उन लोगों को भी जो मेरे खिलाफ खड़े थे।'

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पहलाज निहलानी ने आगे कहा, 'मैं सरकार के फैसले का स्वागत करता हूं। अब तक के अपने काम से मैं बहुत खुश हूं। मुझे कोई पछतावा नहीं है।'

बता दें कि पहलाज निहलानी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 19 जनवरी 2015 को सेंसर बोर्ड की कमान सौंपी थी। तत्कालीन सीबीएफसी अध्यक्ष लीला सैमसन ने सरकार पर काम में दखलअंदाजी का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दिया था जिसके बाद उनके स्थान पर निहलानी को नियुक्त किया गया।
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निहलानी का कार्यकाल तीन वर्षों का था लेकिन बीच में ही उन्हें पद से हटा दिया गया।

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खुद को बीजेपी का प्रेरित समर्थक बताने वाले निहलानी पहली बार इंडस्ट्री और सोशल मीडिया के निशाने पर तब आए जब उन्होंने जेम्स बॉन्ड सीरीज की फिल्म 'स्पेक्ट्रा' से किसिंग सीन हटाने के आदेश देते हुए कहा था कि वे जरूरत से ज्यादा लंबे थे।

हाल ही में फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' को महिला आधारित बताने, फिल्म 'हैरी मेट सेजल' से 'इंटरकोर्स' शब्द हटाने और अमर्त्य सेन की डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाने को लेकर वह इंडस्ट्री के निशाने पर आ गए थे।
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