कोई निर्माता-निर्देशक विवादित आध्यात्मिक गुरु ओशो रजनीश के जीवन पर फिल्म बनाना चाहता है तो उसके लिए ऐसा करना अब आसान नहीं होगा। हाल में निर्देशक शकुन बत्रा द्वारा आमिर खान और आलिया भट्ट को लेकर ओशो की बायोपिक बनाने की चर्चाएं बॉलीवुड के गॉसिप गलियारों में थी। कहा गया कि जैकलीन फर्नांडिस भी इस फिल्म में दिलचस्पी ले रही हैं और वह ओशो के सबसे करीब रहीं मां शीला की भूमिका निभाना चाहती हैं।
बत्रा यह रोल आलिया भट्ट को देना चाहते हैं। परंतु फिलहाल यह इतना आसान नहीं होगा क्योंकि ज्यूरिच स्थित ओशो इंटरनेशल फाउंडेशन ने साफ कह दिया है कि उसकी इजाजत के बगैर इस आध्यात्मिक गुरु के जीवन से जुड़ी कोई फिल्म या वेब सीरीज नहीं बनाई जा सकती। फाउंडेशन ने कहा है कि कोई फिल्मकार ओशो के प्रवचनों, किताबों, तस्वीरों समेत उनकी आत्मकथाओं 'ऑटोबयोग्राफी ऑफ अ स्प्रिचुअली इनकरेक्ट मिस्टीक' और 'ग्लिम्पेसस ऑफ गोल्डन चाइल्डहुट' का संपूर्ण या अंश के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकता।
पूरी दुनिया में ओशो के अनुयायी हैं और उनसे जुड़ी तमाम बौद्धिक संपदा कम्यून के पास है। फाउंडेशन ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी ओशो पर फिल्म बनाता है तो पहले इजाजत लेनी होगी। पिछले दिनों नेटफ्लिक्स द्वारा ओशो के जीवन पर एक विवादित वेब सीरीज आने के बाद बॉलीवुड इस आध्यात्मिक गुरु से मुखातिब हुआ और कुछ लोगों को लगने लगा कि उन पर फिल्म फायदे का सौदा हो सकती है। आमिर खान द्वारा उन पर वेब सीरीज बनाने की भी चर्चा थी।