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बॉलीवुड में संघर्ष कर रहे हैं विदेशों से आए कलाकार

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विदेशी मूल की कैटरीना कैफ जरूर नंबर वन की नायिका बन गई हैं, लेकिन कई नायिकाएं ऐसी रहीं जिनका सिक्का नहीं जम पाया।
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विदेश से आकर बॉलीवुड में पैर जमाने की कोशिश इन दिनों जैकलीन फर्नांडीज से लेकर नरगिस फाकरी तक के ऐसे कई नाम हैं जो संघर्ष

बहू की भूमिका के लिए चुनी गईं हॉलैंड की अभिनेत्री सिपोरा अन्ना ज़ोउटवेले के लिए यह एक बड़ी सफलता है, क्योंकि भारतीय स्क्रीन पर विदेशी कलाकारों को मुश्किल से कोई अहम किरदार निभाने को मिलता है।

ज़ोउटवेले का कहना है कि बॉलीवुड में काम हासिल करने के लिए आपको भाग्यशाली होने की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा, ''यहां बड़ी भूमिका हासिल करना आसान काम नहीं है क्योंकि यह केवल आपके टैलेंट का मसला नहीं बल्कि आप किसको जानते हैं, यह काफी मायने रखता है।"
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विदेशी कलाकार की किस्मत

ज़ोउटवेले ने कहा "यदि आप पैसे वाले परिवार से हैं या आप कई लोगों को जानते हैं तो आपके लिए चीजें आसान हो जाती है। वे आपको लॉन्च कर सकते हैं। वे आपके लिए एक क्लिक करें फ़िल्म बना देंगे।''

उन्होंने कहा, ''एक बाहरी होने के नाते काम मिलना तो आसान है लेकिन यहां लंबे समय तक बने रहना और एक से अधिक फ़िल्में हासिल करना मुश्किल है।''

नहीं मिलती लीड भूमिका'

भारत में मल्टीप्लेक्स के बढ़ते दर्शकों को देखते हुए फिल्म निर्माता लीक से हटकर कहानियों को आज़मा रहे हैं, जिससे विदेशी कलाकारों के लिए संभावनाएं बढ़ रही है।

छाबड़ा का भी कहना है कि इंडस्ट्री को और अधिक विदेशी चेहरे चाहिए क्योंकि वे एक ही चेहरे को हर फिल्म में नहीं दिखा सकते।

उनका कहना है कि विदेशी कलाकार यहां टिकना नहीं चाहते। अधिकतर अच्छे कलाकार हॉलीवुड का रुख कर लेते हैं। लेकिन अगर वे यहां रुकते हैं तो निश्चित तौर पर उन्हें अधिक काम मिलेगा।

लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां बाहरी कलाकारों को अब भी मुख्य भूमिका नहीं मिलती।इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि कलाकार लंबे समय तक यहां नहीं टिक पाते।

काफी समय पहले करियर बनाने के लिए वेल्स से यहां आने वाली पूर्व मिस लैनेली लिज़ा लज़ारस का कहना है कि यदि आप यहां आते हैं तो आपको कड़ी मेहनत करने और ख़ुद को समर्पित करने के लिए तैयार करना होगा।

अनुभव अच्छे या बुरे

ऐतिहासिक ड्रामा 'वीर' में काम करने से पहले वह कभी भारत नहीं आई थी। वह बॉलीवुड के अनुभव के बारे में कहती हैं कि यहां काफी दबाव है।कई बार तो वह 24 घंटे की शूटिंग के बाद घर जाकर खूब रोती थी। उन्होंने कहा कि उनकी एक ड्रेस का वज़न 15 किलो था और उनको उसे तीन हफ़्ते तक पहनना था।
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इस बारे में ज़ोउटवेले कहती हैं कि अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं तो आपको बताने और सहयोग करने वाले लोग मिल जाते हैं।तमाम बुराइयों और कास्टिंग काउच की घटनाओं से भरे इस उद्योग में आपको यह पता होना चाहिए कि आप क्या चाहती हैं। यहां पर लोग कई ऑफर देते हैं और ये सभी बेहद आकर्षक दिखते हैं लेकिन ये होते नहीं।

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