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बॉक्स ऑफिस पर अब नहीं बिकता सेक्स: महेश भट्ट

Thu, 13 Apr 2017 01:30 PM IST
amarujala.com- पंकज शुक्ल
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महेश भट्ट
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68 साल के हो गए हैं महेश भट्ट, लेकिन अब भी हर दिन कुछ नया सीखने को बेचैन रहते हैं। सुबह से लेकर शाम तक जिस किसी भी विषय पर आप उनसे बहस करना चाहें, वह तैयार रहते हैं। विचारों का खजाना है उनके पास जिससे उनके तेवर निकलते हैं।
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एहसासों का पिटारा है उनके पास जिनसे उनकी फिल्मों के किरदार निकलते हैं और है प्राइमरी स्कूल के किसी छात्र जैसी ललक, जिससे उनकी सीखों के नए अध्याय निकलते हैं। महेश भट्ट की नई सीख है, सेक्स अब बॉक्स ऑफिस पर नहीं बिकता। महेश भट्ट बागी प्रजाति के यायावर मनुष्य हैं, ये सब जानते हैं। उनका झगड़ा अपने भाई से भी खूब होता है और अपने बच्चों से भी। अलग-अलग राजनीतिक दलों से भी वह खूब झगड़ते रहते हैं। एक चैनल के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बोले, वहां नितिन गडकरी आए हुए थे। एंकर के एक सवाल पर उन्होंने साफ कहा

कि राजनीति हमारे लिए शक्ति है। मेरा पहली बार इस पार्टी को लेकर कम से कम इस बात को लेकर नजरिया साफ हुआ कि ये लोग जो करते हैं, कम से कम उसे खुले मंच से स्वीकार तो करते हैं। नहीं तो अब तक हमें यही दिखाया जाता रहा कि देश के तमाम राजनीतिक दल चुनाव जनसेवा के लिए लड़ते हैं। आमतौर पर फिल्मी लोगों से ही घिरे रहने वाले महेश भट्ट फिल्मों से इतर विषयों पर बहुत दिलचस्पी से बातें करते हैं। 
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अब परदे पर बिकती है कहानी

महेश भट्ट
जिक्र यूं ही दिल्ली के ट्रैफिक का छिड़ा तो कहने लगे कि आज एयरपोर्ट से होटल तक आने में इतना समय लग गया जितना मुंबई से दिल्ली आने तक में नहीं लगा। लेकिन, यहां भी एक नई झलक बदलते वक्त की उनको मिली। टैक्सी ड्राइवर से अपनी बातों को साझा करते हुए बोले कि चुनाव एक बड़ा रोजगार है।

टैक्सी ड्राइवर ने उनको बताया कि वह रात भर नेताओं के पोस्टर लगाता है और दिन में टैक्सी चलाता है।‘सारांश’, ‘अर्थ’ और ‘डैडी’ जैसी तमाम कालजयी फिल्में बनाने महेश भट्ट इन दिनों आसपास की बदल रही दुनिया को नए सिरे से समझने में लगे हुए हैं। उनके अपने प्रोडक्शन हाउस की कोई फिल्म पिछले तीन चार साल से बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं। वह कहते हैं, हमने फिल्में बनाने की शुरुआत एक खास तरह की फिल्मों से की थी।

फिर हमें एक फॉर्मूला मिला, जो औरत के जिस्म की नुमाइश और कर्णप्रिय संगीत का मिश्रण था। इस फॉर्मूले से हमने खूब पैसा कमाया। पर इसी के साथ हम एक अलग सोच के दायरे में कैद होने लगे। हमने सोचा भी नहीं कि एक जैसी चीजें देखकर लोग बोर हो रहे हैं, हमें खारिज कर रहे हैं। महेश भट्ट कहते हैं कि सेक्स अब बॉक्स ऑफिस पर नहीं बिकता। अब परदे पर कहानी बिकती है।

अपनी अगली फिल्म ‘बेगम जान’ को वह अपने प्रोडक्शन हाउस के लिए एक नई शुरुआत मानते हैं और उम्मीद करते हैं कि ये फिल्म उनके प्रोडक्शन हाउस के लिए एक नया उजाला लेकर आएगी। बंटवारे के दौरान पूर्वी और पश्चिमी बंगाल की सीमा रेखा पर बसे एक कोठे की मालकिन के संघर्ष की इस कहानी को नारी सशक्तीकरण की एक दमदार कहानी भी मानते हैं।
(इस इंटरव्यू और हिंदी सिनेमा से जुड़ी तमाम वीडियो खबरों के लिए लॉग आन करें www.amarujala.com/video पर )
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