बड़े पैमाने पर कॉमेडी और रोमांटिक फिल्मों से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले गोविंदा, अब विलेन के तौर पर भी पर्दे पर अपनी छवि को आजमाना चाहते है और वह अपनी अगली फ़िल्म में विलेन के किरदार में नज़र आने जा रहें है।
"गोविंदा को आलोचकों ने नही बनाया है। मैं आम जनता का हीरो रहा हूँ। आम लोग आलोचना से परेशान नही होते वे भगवान है। अभी तक अपनी अनेकों कॉमेडी फिल्मों से लोगों का खूब मनोरंजन करने वाले गोविंदा अब अपनी अगली फ़िल्म 'किल दिल' में एक विलेन के रूप में नज़र आएँगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ये नकारात्मक किरदार उन्होंने आराम से कर लिया तो उन्होंने कहा, "यह बेहद उत्तेजक किरदार है, मुझे लगा था कि मैं इसे नही पाउँगा लेकिन शुक्र है कि मैने इसे कर लिया। इसमें एक भावनात्मक पृष्ठभूमि है, इसलिए मैं इसे कर सका।"
राजनीति में कुछ खास नहीं कर पाए
अभिनय में अपना झंडा गाड़ने के बाद उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा लेकिन वहां वह कुछ खास नही कर पाए। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा से कॉमेडी के अंदाज में पर्दे पर आए तो भी उन्हें पहले जैसी सफलता नही मिली।
वह कहते है, "मुझे दुख है कि मेरी अंतिम फ़िल्म 'रन भोला रन' और 'बंदा ये बिंदास है' प्रदर्शित ही नही हो पाई। यह मेरे करियर का उतराव था।मेरी ये फ़िल्में प्रदर्शित क्योँ नही हुई मुझे इसका कारण नही पता है, और अगर आपको कारण नही पता है तो उस पर बात करने का कोई फायदा ही नही है।
लड़की के बारे में
वह आगे कहते है," मैं बस काम करते रहना चाहता हूँ। मैंने कभी किसी चीज के बारे में चिंता नही की। हालाँकि मैं निर्माताओं के लिये भी प्रार्थना करता हूँ क्योंकि यह उनके लिये बेहद मुश्किल काम होता है, इसलिए मैं ये कामना करता हूँ कि वह इस समस्या से बाहर निकल जाए।
गोविंदा अपनी बेटी के बारे में भी अपने विचार रख चुके हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी नर्मदा के पास कई फिल्मों के प्रस्ताव आए थे लेकिन उसने उन प्रस्तावों के बारे में विचार नहीं किया।