फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटरव्यू: ‘स्टार्स की फीस की इतनी चर्चा क्यों?’, निखिल आडवाणी ने उठाए सवाल; अमिताभ से इम्तियाज तक का हुआ जिक्र

Thu, 29 Oct 2026 08:25 AM IST
संदेश मेहरा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

  • बॉलीवुड में आज किसी फिल्म की चर्चा हो, तो कहानी से पहले 100-500 करोड़ की बातें शुरू हो जाती हैं। 
  • किसने कितनी फीस ली? फिल्म कितने करोड़ कमाएगी और बॉक्स ऑफिस पर कौन-सा आंकड़ा पार करेगी? 
  • फिल्ममेकर निखिल आडवाणी को सिनेमा को इस नजरिए से देखना पसंद नहीं है।
विज्ञापन
निखिल आडवाणी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

‘कल हो ना हो’, ‘सलाम ए इश्क’, ‘पटियाला हाउस’, ‘डी-डे’ और ‘बाटला हाउस’ जैसी हिट फिल्मों का निर्देशन कर चुके निर्देशक निखिल आडवाणी ने अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में फिल्मों की कमाई के इस जुनून पर सवाल उठाते हुए अमिताभ बच्चन से लेकर आदित्य चोपड़ा और इम्तियाज अली तक के उदाहरण दिए।
विज्ञापन


'फिल्मों को सिर्फ आंकड़ों से आंकना बंद करें'
निखिल कहते हैं, 'अगर मुझे बॉलीवुड में सबसे बड़ा रेवोल्यूशन लाना हो, तो वो यही होगा कि लोग फिल्मों को इस बात से जज करना बंद करें कि वो 100 करोड़ करने वाली है, 200 करोड़ करने वाली है या 300 करोड़ करने वाली है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।'

पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे याद है, जब अमिताभ बच्चन की फिल्म रिलीज होती थी, तो मैं गंगा-जमुना थिएटर के बाहर खड़ा रहता था। या तो टिकट एडवांस में बुक किया होता था या फिर ब्लैक में खरीदना पड़ता था। लेकिन हमें अमिताभ पर आंख बंद करके यकीन होता था। हम यह देखकर फिल्म नहीं देखते थे कि फिल्म ने कितना कमाया है।'
विज्ञापन
Trending Videos

निखिल आडवाणी - फोटो : सोशल मीडिया
‘फीस की इतनी चर्चा क्यों?’
वह उस दौर की तुलना आज के समय से करते हुए निखिल कहते हैं, 'हमें नहीं पता होता था कि ये सिल्वर जुबली बनने वाली है, गोल्डन जुबली बनने वाली है या प्लेटिनम जुबली बनने वाली है। कितना बजट है, क्या है, इसकी किसी के पास कोई जानकारी नहीं होती थी।'

आगे निखिल ने कहा, 'आजकल मैं देखता रहता हूं कि इस फिल्म में इसकी इतनी फीस है, इसकी इतनी फीस है। ये सब कितना सही है, ये भी पता नहीं। कई बार तो सोचता हूं कि इसको इतनी फीस मिली ही क्यों और दर्शक भी इस पर इतनी चर्चा करते ही क्यों हैं?'

निखिल आडवाणी - फोटो : सोशल मीडिया
‘फिल्म इंडस्ट्री को बहुत सीरियसली कमर्शियल बना दिया है’
निखिल के मुताबिक, फिल्मों को सिर्फ कमाई के आंकड़ों से नहीं देखा जाना चाहिए।

वह कहते हैं, 'प्रॉब्लम ये है कि हम लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री को एक कमर्शियल इंडस्ट्री के तौर पर बहुत सीरियसली लेना शुरू कर दिया है। सिनेमा आर्टिस्टिक होना चाहिए। उसे आपको मूव करना चाहिए, इंस्पायर करना चाहिए। एंटरटेनमेंट तो होना ही चाहिए, लेकिन उसके साथ आपको ये भी महसूस होना चाहिए कि मैंने कुछ देखा और उससे इंस्पायर हुआ। जैसे ‘कभी हां कभी ना’, ‘शोले’, ‘लगान’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी फिल्में।'

निखिल आडवाणी - फोटो : इंस्टाग्राम@nikkhiladvani
‘आदित्य चोपड़ा के साथ काम करता था तो ढेरों चिट्ठियां आती थीं’
निखिल अपने करियर के उस दौर का भी जिक्र करते हैं, जब वह आदित्य चोपड़ा के साथ काम करते थे। वह कहते हैं, 'जब मैं आदित्य चोपड़ा के साथ काम करता था, तो युवा लड़कियों की ढेरों चिट्ठियां आती थीं। वो कहती थीं कि मैं अपना राज ढूंढने वाली हूं।'
विज्ञापन

निखिल आडवाणी - फोटो : इंस्टाग्राम @nikkhiladvani
‘इम्तियाज अली के साथ अब ऐसा असर देखा’
निखिल बताते हैं कि हाल के दौर में उन्होंने ऐसा ही असर इम्तियाज अली के साथ भी देखा। वह कहते हैं, 'आज ऐसा कोई फिल्ममेकर नहीं है जिसके पास ऐसा हो। हां, ऐसा मैंने अब होते हुए देखा है इम्तियाज अली के साथ। उनकी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ देखने के बाद मैंने वीडियोज देखे, जहां लोग उनके हाथ पकड़कर कह रहे थे, रो रहे थे और इम्तियाज के काम की तारीफ कर रहे थे। ये 100-200 करोड़ से बढ़कर है।'

ये भी पढ़ें- काॅफी विद करण 9: ईशान को डेट कर रही थीं जान्हवी! जमकर की बॉयफ्रेंड की तारीफ; ‘पेद्दी’ विवाद पर दिया बड़ा बयान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें