सुमित्रा भावे को मराठी सिनेमा की एक दमदार व मजबूत शख्सीयत माना गया। उनकी फिल्मों ‘कासव’, ‘संहिता’, ‘अस्तु’, ‘वेलकम होम’, ‘वास्तुपुरुष’, ‘दहावी फा’ और ‘देवराई’ को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खूब सराहना मिली है। निर्देशक चैतन्य तम्हाणे की फिल्म ‘द डिसाइपल’ में उन्होंने सूत्रधार की भूमिका की है। ये आखिरी फिल्म है जिसमें उनकी आवाज सुनाई दी।
मराठी सिनेमा ने सुमित्रा भावे के निधन पर गहरा शोक जताया है। अभिनेत्री नीना कुलकर्णी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह हमेशा सादा जीवन, उच्च विचार में विश्वास करने वाली फिल्मकार रही हैं। उनकी मेधा और प्रतिभा का दूसरा फिल्मकार कभी कभी ही सामने आता है। अभिनेत्री नयना मुके ने सुमित्रा भावे को याद करते हुए कहा कि मराठी सिनेमा को उन्होंने एक नया आयाम और विस्तार दिया। उनकी फिल्मों में जिस तरह सामाजिक कुरीतियों पर चोट की गई वह प्रेरणादायक है। नयना ने ये भी कहा कि मराठी सिनेमा में महिला सशक्तीकरण को सिनेमा का विषय बनाने में सुमित्रा भावे का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।