नागा वामसी ने की बॉलीवुड पर टिप्पणी
इस पर नागा वामसी ने कहा, "खाड़ी देशों में मलयालम सिनेमा का भी एक बड़ा बाजार है।" निर्माता अर्चना कलपति और सिद्धार्थ ने नागा की बात से सहमति जताई। नागा वामसी ने फिर बोनी कपूर से सीधे तौर पर कहा, "आपको यह स्वीकार करना होगा कि दक्षिण भारतीय सिनेमा ने बॉलीवुड का नजरिया बदल दिया है, क्योंकि आप लोग सिर्फ बांद्रा और जुहू के लिए फिल्में बनाने में फंस चुके हैं। आपने बाहुबली, आरआरआर, एनिमल और जवान जैसी फिल्में के साथ इस बदलाव को देखा है।"
यह भी पढ़ें- Game Changer: क्या है 'गेम चेंजर' का शाहरुख की 'जवान' से खास कनेक्शन? ट्रेलर की रिलीज से पहले खुला बड़ा राज
बयान पर बोनी ने जताई हैरानी
बोनी कपूर ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा, "ऐसा नहीं है।" इस पर नागा वामसी ने जवाब दिया, "सर, मुगल-ए-आजम के बाद आपने बाहुबली और आरआरआर जैसी तेलुगु फिल्मों का उदाहरण दिया, लेकिन आपने किसी हिंदी फिल्म का जिक्र नहीं किया।" बोनी कपूर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम इस मंच पर हर बात नहीं कह सकते, हमें इस पर व्यापक रूप से बात करनी होगी। जब मैं मुगल-ए-आजम, बाहुबली आदि का जिक्र करता हूं, तो इसका मतलब यह नहीं कि मैंने अन्य फिल्मों को नजरअंदाज किया है। मुझे उन फिल्मों के बारे में जानकारी है। मैं उंगलियों पर उन फिल्मों को गिना सकता हूं। लेकिन मेरा ऐसा बिल्कुल भी मानना नहीं है कि तेलुगु सिनेमा ने हमें कुछ सिखाया है।"
बोनी कपूर ने अल्लू अर्जुन का दिया उदाहरण
नागा वामसी ने फिर स्पष्ट किया कि वह सिर्फ इवेंट और मास एंटरटेनर्स के बारे में बात कर रहे थे। तब बोनी कपूर ने कहा कि पुष्पा 2 के एक्टर ने कहा कि वह अमिताभ बच्चन के बड़े प्रशंसक हैं, वह एनटी रामाराव के फैन भी हो सकते थे।" नागा वामसी ने इस पर कहा कि वह शाहरुख खान के फैन हैं और अल्लू अर्जुन भी चिरंजीवी के बड़े प्रशंसक हैं।
नागा वामसी ने दी सफाई
उन्होंने यह भी कहा, "यह कोई भाषा की समस्या नहीं है, बल्कि यह समझने की बात है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा है। दर्शक क्या पसंद करते हैं, वह चीज ही सबसे महत्वपूर्ण है। आजकल मराठी फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है, जैसे सैराट ने 100 करोड़ रुपये का कारोबार किया। दर्शकों का नजरिया बदल चुका है और यह बदलाव ओटीटी प्लेटफार्मों के प्रभाव से आया है।" अर्चना कलपति ने इस चर्चा को खत्म करते हुए 'मंजुमेल बॉयज' का उदाहरण दिया। यह एक मलयालम फिल्म थी, लेकिन तमिलनाडु में उसे काफी सराहा गया। उन्होंने कहा कि हम कभी नहीं जान सकते कि दर्शक किसी फिल्म से क्या सीखते हैं या क्या समझते हैं।
संबंधित वीडियो