ज्यादा तकलीफ उसे होती है, जो छोड़ नहीं पाता
मौनी ने माफी को एक ऐसी प्रक्रिया बताया जो तब आसान हो जाती है, जब आप दुख को हमेशा ढोते रहने वाली चीज मानना छोड़ देते हैं। उनके अनुसार, नाराजगी को मन में बनाए रखने से अक्सर उसी व्यक्ति को ज्यादा तकलीफ होती है जो उसे छोड़ नहीं पाता। अगर आप इसे जाने नहीं देंगे, तो सबसे ज्यादा तकलीफ आपको ही होगी।
उन्होंने उस असंतुलन के बारे में भी बात की जो अक्सर किसी के दुख पहुंचाने के बाद पैदा होता है। उन्होंने कहा कि जिसे दुख पहुंचा है, वह उस अनुभव को लंबे समय तक बार-बार याद करता रह सकता है, जबकि दूसरा व्यक्ति उससे आगे बढ़ चुका होता है। कभी-कभी जिस व्यक्ति ने आपको दुख पहुंचाया होता है, वह इसके बारे में सोच भी नहीं रहा होता, चाहे उन्होंने आपको कितना भी गहरा दुख क्यों न दिया हो।
मेडिटेशन ने बदला नजरिया
एक्ट्रेस ने हाल के साल में ज्यादा शांति और स्पष्टता पाने का श्रेय मेडिटेशन, मंत्र-जाप और आध्यात्मिकता जैसी चीजों को दिया। उन्होंने बताया कि इन अनुभवों ने रिश्तों, निराशा और इमोशनल रिकवरी के प्रति उनके नजरिए को बदल दिया है।
साथ ही मौनी ने यह भी साफ किया कि माफ करने का मतलब नुकसान पहुंचाने वाले व्यवहार को नजरअंदाज करना या उसके अस्तित्व को नकारना नहीं है। उन्होंने किसी व्यक्ति को जज करने और नुकसानदेह कामों या आदतों को पहचानने के बीच फर्क बताया।
उन्होंने समझाया कि कुछ बुरे लोग होते हैं जो आपको दुख पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मैं उस व्यक्ति को बुरा नहीं कह रही हूं, बल्कि उनकी आदतों को बुरा कह रही हूं।