मोहम्मद रफी का नाम भारतीय संगीत की दुनिया के जाने माने गायक थे। उनका जन्म पंजाब के अमृतसर में 24 दिसंबर 1924 में हुआ था। अपने गाए गानों से उन्होंने करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके गाने इतने वर्षों के बाद आज के समय में भी लोग सुनना पसंद करते हैं। 31 जुलाई 1980 में उनका निधन हो गया, लेकिन अपने गाए गीतों से वह आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जिंदा हैं। यूं तो मोहम्मद रफी ने हजारों हिट गाने गाए हैं, लेकिन आज हम आपको उनके कुछ सदाबाहर गानों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अक्सर लोगों की जुबां पर आ ही जाते हैं।
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तुमसा नहीं देखा
मोहम्मद रफी ने अपने करियर में हर तरह के गाने गाए, लेकिन उनके रोमांटिक गानों की बात ही कुछ और थी। इन्हीं गानों में से एक तुमसा नहीं देखा गाना भी है। साल 1957 में आई फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' का यह टाइटल सॉन्ग काफी ज्यादा लोकप्रिय हुआ था। फिल्म का संगीत ओपी नैयर ने तैयार किया था। वहीं, इसके बोल साहिर लुधयानवी ने लिखे थे।
तेरी गलियों में न रखेंगे कदम
फिल्म हवस साल 1974 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अनिल धवन और नीतू सिंह नजर आए थे। फिल्म का निर्देशन सावन कुमार टाक ने किया था। रफी साहब की आवाज में तेरी गलियों में न रखेंगे कदम प्यार में असफल रहे आशिकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय हुआ था। इस गाने को उषा खन्ना ने कंपोज किया था।
ओ मेरी महबूबा
फिल्म धर्म-वीर में धर्मेंद्र और जितेंद्र की जोड़ी ने बड़े पर्दे पर खूब धमाल मचाया था। फिल्म के गाने भी काफी ज्यादा हिट हुए थे। रफी का गाया गाना ओ मेरी महबूबा ने लोगों पर गजब का जादू चलाया था। फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था।
तू इस तरह से
साल 1980 में आई फिल्म 'आप तो ऐसे न थे' के गाने लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे। उन्हीं गानों में से एक 'तू इस तरह' गाना भी था। इस गाने को रफी ने बेहद खास अंदाज में गाया था। इस गाने को उषा खन्ना ने कंपोज किया था। वहीं, इसके बोल निदा फाजली ने लिखे थे।
ये गाने भी रहे सुपरहिट
इनके अलावा मोहम्मद रफी के गाए गाने दिल के झरोखे में, चाहूंगा मैं तुझे शाम सवेरे, पुकारता चला हूं मैं, छू लेने दो नाजुक होंठों को, खोया खोया चांद, कौन है जो सपनो में आया, सर जो तेरा चकराए जैसे गाने भी काफी ज्यादा मशहूर हुए।
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