प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुर्वेदिक चिकित्सकों से की गई अपील के हफ्ते भर बाद उनकी ही बायोपिक के सह निर्माता आचार्य मनीष ने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने और इसके प्रभाव को कम करने की आयुर्वेदिक विधि खोज निकालने का दावा किया है। मनीष ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अपील की है कि इस चिकित्सा अनुसंधान की तुरंत भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद के विशेषज्ञों से पुष्टि कराई जानी चाहिए और इस टीम में शामिल चिकित्सकों से मिलने का समय तय करना चाहिए।
अमर उजाला से बात करते हुए फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी के निर्माताओं में से एक आचार्य मनीष ने कहा कि 28 फरवरी को प्रधानमंत्री ने आयुष चिकित्सकों से लंबी बात की थी। इस वार्ता के दो ही अहम बिंदु थे, एक तो ये कि आयुर्वेदिक या दूसरी चिकित्सा पद्धतियों में अगर कोरोना वायरस के इलाज के कोई अपुष्ट या भ्रामक दावे किए जा रहे हैं तो उन्हें रोका जाए। दूसरा कि आयुष का पालन करने वाले चिकित्सक कोरोना वायरस के प्रचार प्रसार को रोकने के उपाय करें।
मनीष कहते हैं कि कोरोना संकट के भारत आने से पहले से उनके अनुसंधान विभाग के पांच चिकित्सक इसके इलाज की औषधि बनाने की कोशिश करते रहे हैं। यह औषधि अब तैयार है और हम चाहते हैं कि इसकी पुष्टि आईसीएमआर अपने प्रोटोकॉल के हिसाब से करे। इस बारे में किसी भी तरह की मदद के लिए आयुष चिकित्सकों की उनकी पूरी टीम मदद के लिए तैयार है।
आचार्य मनीष का अपना एक आयुर्वेदिक चिकित्सा आधारित टीवी चैनल है जिस पर वह तमाम तरह की असाध्य बीमारियों के बारे में इलाजों का प्रचार प्रसार करते हैं। कोरोना के इलाज के लिए अब वह चाहते हैं कि उनकी पूरी टीम को सरकार कोरोना के प्रसार की रोकथाम के लिए बने मिशन में शामिल करें।