मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता गणेश चुक्कल को रिहा कर दिया है। उन्हें बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की बहन से जुड़े एक फ्लैट के मामले में धोखाधड़ी के इल्जाम में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने माना कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा।
कब गिरफ्तार हुए थे गणेश चुक्कल?
एस्प्लेनेड की 37वीं मजिस्ट्रेट अदालत ने चुक्कल को 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा किया। अदालत ने कहा कि क्राइम ब्रांच की तरफ से गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर उन्हें सही अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए था। चुक्कल को इस मामले में दो अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। उनके साथी समीर सावंत को भी गिरफ्तार किया गया था।
अक्षय कुमार, चुक्कल
- फोटो : सोशल मीडिया
अदालत में कब किया गया पेश?
चुक्कल को शुरू में 5 अक्तूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया था और बाद में उनकी कस्टडी 9 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई थी। इस बीच, बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायतकर्ता की याचिका पर 5 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि जांच पवई पुलिस स्टेशन से क्राइम ब्रांच की डीसीबी सीआईडी यूनिट 10 को सौंप दी गई है।
क्राइम ब्रांच ने 6 अक्तूबर को चुक्कल को अपनी कस्टडी में ले लिया। हालांकि, अगले तीन दिनों तक उन्हें एस्प्लेनेड कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया। 7 अक्तूबर को डीसीबी सीआईडी ने अंधेरी कोर्ट को बताया कि वे उन्हें 9 अक्तूबर को एस्प्लेनेड कोर्ट के सामने पेश करेंगे। आखिरकार उस दिन चुक्कल को एस्प्लेनेड की 37वीं अदालत के सामने पेश किया गया।
अक्षय कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या थी चुक्कल के वकील की दलील?
चुक्कल की ओर से पेश हुए वकील राजेंद्र शिरोडकर, अर्चित सखालकर, लक्ष्मण शाहपुर और निहार घाग ने तर्क दिया कि मामला अपने हाथ में लेने के बाद जांच एजेंसी के लिए जरूरी था कि वह आरोपी को सही अदालत के सामने पेश करे और कानून के मुताबिक आगे की कस्टडी की मांग करे।
उन्होंने गैर-कानूनी हिरासत और सही प्रक्रिया का पालन न करने के आधार पर उनकी रिहाई की मांग की। जांच एजेंसी ने जवाब देने के लिए समय मांगा और सोमवार को एक हलफनामा दाखिल किया। अदालत को हलफनामे में बचाव पक्ष की दलीलों का खंडन करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं मिला।
अदालत ने किया रिहा
अदालत ने कहा कि क्राइम ब्रांच की तरफ से हिरासत में लिए जाने के 24 घंटे के भीतर चुक्कल को एस्प्लेनेड कोर्ट के सामने पेश किया जाना चाहिए था और उसे रिहा करने का आदेश दिया।
क्या है मामला?
यह मामला हीरानंदानी एस्टेट्स में एक रिहायशी फ्लैट से जुड़ा है, जो मेलरोनिया हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। इसके डायरेक्टरों में अक्षय कुमार की बहन अलका भाटिया हीरानंदानी के साथ-साथ कमल निरंजन हीरानंदानी और श्रीधर नारायण शामिल हैं।