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Mimoh Chakraborty: मिमोह चक्रवर्ती को स्कूल में किया जाता था परेशान, बताया- मुझे कहा जाता था इडली गुंडा

Sun, 02 Jul 2023 12:58 PM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

बॉलीवुड अभिनेता मिमोह चक्रवर्ती ने बताया कि उन्हें स्कूल में परेशान किया जाता था और उनके दोस्त उन्हें धमकाते हुए 'इडली गुंडा' कहकर बुलाते थे।
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मिमोह चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मिथुन चक्रवर्ती के बेटे और अभिनेता मिमोह चक्रवर्ती ने हाल ही में अपने स्कूल के दिनों में तंग किए जाने की बात का खुलासा किया। स्कूल के पुराने किस्से को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह इसका पूरी तरह विरोध करते हैं और उनका मानना है कि इसे रोका जाना चाहिए। स्कूल में बच्चों के साथ हो रही बदमाशियां और दुर्व्यवहार पर मिमोह ने प्रतिक्रिया दी है।

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मिमोह चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
मिमोह ने कहा कि बदमाशी तब होती है, जब किसी के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। हिंसक तरीके से उस पर हावी किया जाता है या बल प्रयोग, जबरदस्ती, कठोर ताने या धमकियों से डराया जाता है। स्कूलों के साथ-साथ अन्य जगहों पर भी इस तरह का उत्पीड़न जंगल की आग की तरह फैल गया है। अपने स्कूल के दिनों के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने खुलासा किया कि बचपन में उन्हें भी स्कूल में परेशान किया गया था।

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मिमोह चक्रवर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मिमोह ने बताया कि मेरे स्कूल के दोस्त मुझे धमकाते थे। मेरा मजाक उड़ाते थे और मुझे अपने बारे में जागरूक और बुरा महसूस कराते थे। मुझे 'इडली गुंडा' कहा जाता था, जिसका मतलब था 'इडली फैट्सो', लेकिन इसने मुझे अपने सपनों का पालन करने और जो मैं हासिल करना चाहता था, उसे हासिल करने से कभी नहीं रोका। धमकाने वालों को जवाब देने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप जो करते हैं, उसमें सर्वश्रेष्ठ रहें और उन्हें जीत न दें।

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मिमोह चक्रवर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जब उनसे पूछा गया कि स्कूल में बदमाशी से बचने के लिए किस तरह के उपाय किए जाने चाहिए तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि स्कूल का माहौल ऐसा बनाया जाना चाहिए कि दयालुता प्रतिस्पर्धा पर हावी हो जाए, क्योंकि बदमाशी की कुरूपता के खिलाफ दयालुता अंतिम हथियार है। मेरा मानना है कि स्कूलों में अब बदमाशी नहीं होनी चाहिए और ऐसे व्यवहार की किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म करने के लिए सुविधाएं बनाई जानी चाहिए। छात्रों को आगे आकर अपनी शिकायतें साझा करने के लिए उचित सुरक्षा, अच्छी परामर्श और सुलभ प्रशासन का निर्माण करना चाहिए।

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