आमिर ख़ान बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं और उनकी आने वाली फ़िल्म 'पीके' के बॉक्स ऑफिस पर छा जाने की संभावना जताई जा रही है।
लेकिन एक शख़्स है जिसे आमिर ख़ान जैसा दिखने की 'क़ीमत अदा' करनी पड़ रही है।
जहां शाहरुख़ ख़ान के हमशक्ल प्रशांत वाल्दे महीने में सात लाख रुपए तक कमा लेते हैं वहीं आमिर के हमशक्ल देवाशीष घोष को आमिर जैसा दिखने की वजह से काम नहीं मिलता, ऐसा ख़ुद देवाशीष ने बीबीसी को बताया।
आमिर हैं इसकी वजह?
असम के रहने वाले देवाशीष बताते हैं, "कई निर्देशक पहले तो मुझे काम देने के लिए हां कह देते हैं, लेकिन बाद में कहते हैं कि मैं आमिर ख़ान जैसा दिखता हूं, इसलिए मुझे काम नहीं दे सकते। जो लोग मुझे काम देते भी हैं, वो सिर्फ़ आमिर की नकल करने को कहते हैं।"
क्या कभी आमिर की किसी फ़िल्म में काम करने का मौक़ा नहीं मिला।
देवाशीष बताते हैं, "एक तो आमिर साल में सिर्फ़ एक फ़िल्म करते हैं तो उस तरह के काम का स्कोप वैसे ही कम हो गया। धूम-3 में उनके बॉडी डबल का मौक़ा मिला लेकिन उस वक़्त मैं स्टेज शो के सिलसिले में बाहर था तो वह मौक़ा भी हाथ से निकल गया।"
जब देवाशीष से उनकी कमाई के बारे में पूछा तो वह बोले, "कभी स्टेज शो वगैरह करने का मौक़ा मिला तो दो लाख रुपए तक मिल जाते हैं लेकिन काम कम है तो 40-50 हज़ार रुपए से ज़्यादा नहीं मिलता। उसी में जिम, मेकअप, अपना हेयर स्टाइल वगैरह सब मेंटेन करना पड़ता है।"
कैसे हुई शुरुआत?
देवाशीष ने 'पवित्र रिश्ता', 'बड़े अच्छे लगते हैं' और 'माता की चौकी' जैसे डेली सोप्स में काम भी किया है। यह पूछने पर कि उन्होंने आमिर खान की नकल कब शुरु की तो वह बताते हैँ कि उन्होंने आमिर ख़ान की फ़िल्म ग़ुलाम 15 बार देखी और उसी के बाद से आमिर ख़ान के हाव-भाव सीखकर उनकी नकल उतारनी शुरू की।
एक दफ़ा जॉन अब्राहम और रानी मुखर्जी भी उन्हें आमिर ख़ान ही समझ बैठे थे। फ़िलहाल देवाशीष भारत के अलावा दुबई, दक्षिण अफ़्रीका और अमरीका में अपने शोज़ करते हैं।