फिल्म के टाइटल को भड़काऊ बताते हुए रिलीज की रोक की हुई थी मांग
कोर्ट में दायर याचिका में याचिकाकर्ता का कहना था कि फिल्म का नाम ‘घूसखोर पंडत' हिंदू पुजारियों और एक खास समुदाय की छवि खराब करता है। साथ ही सामाजिक–साम्प्रदायिक रूप से भड़काऊ हो सकता है। याचिका में फिल्म की रिलीज और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर तत्काल रोक की मांग की गई थी।
एडवोकेट विनीत जिंदल ने फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ की रिलीज को चुनौती दी थी। उन्होंने इस टाइटल बदनाम करने वाला और सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक बताया था। मेकर्स पर उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर ‘पंडित शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ा गया है। इससे ब्राह्मण समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा रिट पिटीशन में भी याचिकाकर्ता महेंद्र चतुर्वेदी ने भी कहा था कि ‘पंडित’ शब्द ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से ब्राह्मण समुदाय और आचार्यों से जुड़ा है। यह शब्द विद्वता, नैतिक आचरण, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और नैतिक अधिकार का प्रतीक है। लेकिन विवादित टाइटल के जरिए इस शब्द का इस्तेमाल पूरे धार्मिक और सामाजिक समुदाय को बदनाम करने के लिए किया गया।
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नीरज पांडे ने किया है निर्माण
नीरज पांडे द्वारा निर्मित ‘घूसखोर पंडित’ में मनोज बाजपेयी प्रमुख भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ दिव्या दत्ता, नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, श्रद्धा दास, अक्षय ओबरॉय और कीकू शारदा भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में मनोज बाजपेयी ने एक रिश्वतखोर पुलिस वाले की भूमिका निभाई है। फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होनी है।