एशियाई फिल्मों की वर्ल्ड सिनेमा में बढ़ती धमक में भारतीय सिनेमा का भी बड़ा योगदान रहा है। चीन, जापान, थाइलैंड और कोरियाई सिनेमा के साथ साथ भारतीय सिनेमा ने भी दुनिया भर में कारोबारी सफलताओं की नई ऊंचाइयां छूनी शुरू कर दी है। इसी को देखते हुए इस साल सिंगापुर साउथ एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में देश की कुछ बेहतरीन फिल्मों का खास सेक्शन रखे जाने की भी संभावनाएं बनने लगी हैं।
भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उप निदेशक रहे श्रीनिवासन नारायणन के इस फिल्म फेस्टिवल का निदेशक बनने के बाद हिंदी सिनेमा के बड़े कारोबारी घरानों को इस फेस्टिवल में खास पहचान मिलने की भी उम्मीद है। मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेजेस यानी मामी के फिल्म फेस्टिवल की धाक दुनिया भर में जमाने के बाद नारायणन ने ये बड़ी जिम्मेदारी संभाली है।
सिंगापुर फिल्म फेस्टिवल दो साल पहले ही शुरू हुआ है, इसका तीसरा फेस्टिवल इस साल 30 अगस्त से शुरू होकर 7 सितंबर तक चलेगा। नारायणन कहते हैं, ‘सिंगापुर साउथ एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने पिछले दो साल में काबिले तारीफ काम किया है। इस फेस्टिवल ने विश्वसिनेमा में अपनी खास जगह बनाई है और मेरी कोशिश यही होगी कि इस कामयाबी को आगे बढ़ाने में अपनी तरह से पूरा योगदान कर सकूं।’