राम गोपाल वर्मा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'सरकार 3' इस शुक्रवार रिलीज हो गई। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, मनोज बाजपेयी, जैकी श्रॉफ, अमित साध और यामी गौतम मुख्य भुमिका में हैं। 10 प्वाइंट्स में जानिए कैसी है 'सरकार 3' -
1. 'सरकार 3' देख कर दावे से राम गोपाल वर्मा की वापसी की घोषणा नहीं हो सकती।
2. फिल्म में कुछ समय बाद लगता है कि रामू के हाथ से सब फिसल रहा है। दृश्य हास्य पैदा कर रहे हैं।
3. कहानी बिखर रही है। अमिताभ को देख कर लगता है कि वह खुद को दोहरा रहे हैं।
4. सुभाष नागरे (अमिताभ बच्चन) के आसपास और उनके विरुद्ध कमजोर किरदारों तथा कच्चे कलाकारों की भीड़ ने 'सरकार 3' को हल्का कर दिया।
5. अमित साध ने सर्वाधिक निराश किया। नागरे के पोते चीकू उर्फ शिवाजी के रोल में वह जंचे नहीं। वह फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी हैं।
6. रोनित रॉय, जैकी श्रॉफ और यामी गौतम भी कमजोर हैं। सभी टीवी धारावाहिक वाले सपाट अंदाज में संवाद बोलते हैं।
7. इनके बीच कोई कलाकार उभरता है तो सत्ता में जगह बनाने को आतुर राजनेता देशपांडे बने मनोज बाजपेयी। वह छाप छोड़ते हैं।
8. मनोज के अलावा अमिताभ से कंधे से कंधे मिलाने वाला कोई कलाकार नहीं बचता और 'सरकार 3' शिथिल पड़ जाती है।
9. ट्विटर पर विद्रोही बातें करने वाले रामू से आप उम्मीद करते हैं कि राजनीति में नेपोटिज्म विरुद्ध डेमोक्रेसी पर कुछ हट कर कहेंगे। परंतु यहां वह लकीर के फकीर हैं।
10. अमिताभ का परफॉरमेंस पूरी फिल्म के नीम-अंधेरे माहौल में चमकता है। पुराने रामू की झलक कहीं-कहीं है। स्याही से लिखे को खून से लिखा टाइप समझने वाले उनके फैन्स इसे देख सकते हैं।