न्यायमूर्ति बी पुगलेंधी की खंडपीठ ने कहा कि ध्यान देने योग्य है कि 'कहीं भी उन्होंने अपना खेद या पश्चाताप व्यक्त नहीं किया है और न ही माफी मांगी है।' न्यायाधीश ने कहा कि अगर अवमानना कर्ता को अपनी गलती का एहसास होता और वह ईमानदारी से माफी मांगता तो हम कार्यवाही बंद कर देते। इसके बाद अदालत ने यूट्यूबर को छह माह के कारावास की साधारण सजा सुनाई है और तुरंत हिरासत में लेकर कारागार में रखने का निर्देश दिया।
विवादित टिप्पणी को हटाने का आदेश
इसके साथ ही अदालत ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना का निर्देश भी दिया है कि आपत्तिजनक साक्षात्कार और लेखों को भी तुरंत हटा दिया जाए।