मधुर भंडारकर
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मधुर भंडारकर ने बातचीत में आगे यह भी बताया- बहिष्कार की प्रवृत्ति शुरू होने से कुछ साल पहले, उनकी फिल्म इंदु सरकार, जिसे आपातकाल के दौर में सेट किया गया था, को कुछ राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा था। हालांकि उस समय फिल्म इंडस्ट्री से कोई भी उनके साथ नहीं खड़ा हुआ था। उन्होंने कहा- इस इंडस्ट्री में इस समय मेरा कोई नहीं था। फिल्म जगत से कोई भी मेरे साथ खड़ा नहीं हुआ था। बहुत सारे लोग जो अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हैं, मेरी फिल्म पर संकट आने पर किसी ने ट्वीट तक नहीं किया था। लेकिन मैं हमेशा दूसरे लोगों की फिल्मों के लिए खड़ा रहा हूं। मुझे बुरा लग रहा था, मैं एक अकेली लड़ाई लड़ रहा था, पर कुछ किया नहीं जा सकता था।
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