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पीएम मोदी के अगुवाई में आत्मविश्वास सिर्फ हमारी रगों में नहीं, नजरों में भी: मधुर भंडारकर

Wed, 15 Aug 2018 06:59 PM IST
मधुर भंडारकर
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लाल किले के प्राचीर से आज 15 अगस्त के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को संबोधित किया। यह पाचवां मौका था, जब देश उन्हें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीधा लाल किले से सुना। 2014 में जब पहली बार उन्होंने आजादी के जश्न के मौके पर लाल किले से देशवासियों को संबोधित किया था, तब से अब तक के सफर में काफी कुछ बदला है, देश निराशा के माहौल से बाहर निकल कर आशा के रास्ते पर बढ़ा है।
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लोगों का खुद में विश्वास बढ़ा है, एक उम्मीद, एक भरोसा, एक साहस चारों ओर नजर आने लगा है, जो विश्व को एक नया नजरिया दे रहा है, भारत को एक नई नजर से देखने के लिए।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भारत से जुड़ी खबरों में अब अरबों के घोटाले नहीं, बल्कि अरबों डॉलर के रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का जिक्र होता है। आत्मविश्वास सिर्फ हमारी रगों में नहीं, नजरों में भी नजर आता है, और ये सब उस नेतृत्व का असर है जिसका नाम है-नरेंद्र मोदी। सही मायनों में वह एक जननेता हैं, जिनके लिए राष्ट्र और राष्ट्रवासियों का हित सबसे ऊपर है।
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PM MODI - फोटो : SELF
देश किस तरह बदला है, कैसे वह अपने सिद्धांतों से समझौता किए बिना अपनी शर्तों पर अपना हर रूख तय कर रहा है, इसे सिर्फ एक उदाहरण से समझ जा सकता है। वह देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने पुरानी तमाम आशंकाओं को तोड़ते हुए इस्राइल की यात्रा की। कदम सिर्फ यहीं नहीं रुके, इस्राइल के बाद वह फलस्तीन भी गए।

पिछले चार साढ़े चार वर्षों में ऐसे कई मौके आए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंद रास्तों के बीच से नई राह बनाई। फिर चाहे पेरिस समझौता हो या वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, अब भारत बिना किसी झिझक अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है।विश्व मंच पर ही नहीं, देश के अंदर भी कई ऐसे फैसले लिए गए, जो ऐतिहासिक रहे।

जीएसटी यानी वन नेशन वन टैक्स। आपको क्या लगता है, भारत जैसे 125 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले देश में ऐसा कर पाना आसान रहा होगा? छोटी-सी बात है, जिस सोसाइटी में हमारा घर हो, अगर वहां भी कुछ नया करना हो, तो सैकड़ों परिवारों को मनाने में तमाम मुश्किलें आती हैं, यहां तो पूरा देश था।
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PM modi
यह कदम देश का खुद में बढ़ते विश्वास का एक उदाहरण बना, जो मोदी युग में संभव हुआ। पिछले चार साल में प्रधानमंत्री ने लाल किले से देश की जनता के साथ कई वायदे किए और जब उन्होंने अपनी सरकार के काम का रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने रखा, तो अपने किए तमाम वायदों को पूरा करने के साथ रखा। 2015 में उन्होंने देश के उन सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का वायदा किया, जो आजादी के दशकों बाद भी अंधेरे में डूबे थे, और उन्होंने अपना ये वायदा पूरा किया।

उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय बनाए जाएंगे, ताकि बच्चियां सिर्फ शौचालय की वजह से स्कूल जाना न छोड़े, तो ऐसा करके भी दिखाया। उन्होंने एलान किया कि जिन्होंने कभी बैंक नहीं देखा, जिनके बैक अकाउंट नहीं है, अब बैंक खुद उनके दरवाजे तक जाएंगे और उन्होंने करोड़ों लोगों के जन-धन खाते खुलवाकर अपना ये वायदा भी पूरा किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाए। एक और वायदा और इस वायदे को पूरा करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं।

आज युवा अपने रास्ते चुन रहे हैं, मुद्रा और स्टार्ट अप इंडिया के साथ आगे बढ़ रहे हैं और सिर्फ वे नहीं, उनके साथ देश आगे बढ़ रहा है। यह वह भारत है, जो बिना किसी डर के सपने देख रहा है, उनके पहुंचने के रास्ते बना रहा है और सफलता की नई कहानियां लिख रहा है। यह सिर्फ उस आत्मविश्वास की वजह से मुमकिन हुआ है, जो देश को मोदी युग ने दिया है।
 
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