उन्होंने आगे बताया था कि, 'बेटे के दोस्तों ने उससे कहा कि तुम्हारे पिता लोगों को पीटते हैं और आखिर में उनकी पिटाई होती है। उसे ऐसे कमेंट सुनकर गुस्सा आता था और वह उनसे लड़ बैठता था। एक दिन जब वह घर आया तो उसे भारी चोट लगी हुई थी। मुझे बहुत गुस्सा आया और मैंने तय कर लिया कि अब विलेन के रोल के ऑफर मंजूर नहीं करूंगा। उस वक्त कॉमेडी फिल्म 'हिम्मतवाला' बन रही थी और वहीं से मैंने भी कॉमिक रोल करने शुरू कर दिए।'
तो वहीं कादर खान के बेटे सरफराज ने फिल्मों में काम किया है। कादर खान नहीं चाहते थे कि उनके बेटे फिल्म इंडस्ट्री में जाये। हालांकि, सरफराज ने अपने दम पर अपनी पहचान बना ली। उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर 'तेरे नाम', 'मैंने दिल तुझको दिया' और 'वांटेड' जैसी फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में सफलता ना मिलने के बाद सरफराज अपनी एक एक्टिंग अकेडमी चला रहे हैं, जिसमें वो नए लड़के-लड़कियों को एक्टिंग वर्कशॉप कराते हैं।
कादर खान एक स्टार किड के तौर पर अपने बेटे सरफराज और कद्दुस को लॉन्च कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। एक्टर होने के चलते कादर खान के घर में एक्टिंग का माहौल था। बचपन में जब उनका बेटा सरफराज टीवी देखता तो उनका मन करता था कि वो भी एक्टिंग करें। उसी माहौल को देखते हुए सरफराज ने भी एक्टर बनने के बारे में सोचा। लेकिन सरफराज ने कभी अपने पिता को इस सपने के बारे में नहीं बताया। कादर खान नहीं चाहते थे कि उनका कोई भी बेटा एक्टर बने। कादर खान ने कई फिल्मों में शानदार डायलॉग लिखे और फिल्मों में अभिनेता के तौर पर अच्छी कॉमेडी भी की थी। 31 दिसंबर 2018 को लंबी बीमारी के बाद 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।