रजनीकांत साउथ में भले ही बहुत लोकप्रिय हों लेकिन मुंबई में उन्हें दर्शकों से धोखा मिला है। रजनी को आशंका थी क्या?
बीता शुक्रवार रजनीकांत के लिए झटका देने वाला था। कहने को देश भर में उनके फैन हैं, लेकिन ये चाहने वाले उनकी फिल्म ‘कोचाड्यान’ देखने के लिए सिनेमाघरों में वैसे नहीं पहुंचे, जैसी उम्मीद थी।
मुंबई में तो स्थिति यह हुई कि कुछ सिनेमाघरों में सुबह के शो इसलिए रद्द करने पड़े कि देखने वाले ठीकठाक मात्रा में नहीं आए थे। ऐसे में सिनेमाघर संचालकों को शो चलाना घाटे का सौदा लगा।
रजनीकांत की बेटी सौंदर्या के निर्देशन में बनी यह फिल्म एनिमेशन है और इसे ही दर्शकों के न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। लोगों की रुचि रजनीकांत में है, न कि उनके कार्टून में।
यह अलग बात है कि तमिलनाडु में फिल्म को बंपर ओपनिंग लगी है, परंतु रजनी की फिल्म को हर कहीं धमाकेदार ओपनिंग की उम्मीद थी। ट्रेड पंडितों के मुताबिक फिल्म को 30 फीसदी की औसत से कम कम ओपनिंग मिली, जिसे रजनी के कद को देखते हुए बहुत की नगण्य माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि फिल्म में दीपिका पादुकोण के होने के बावजूद उत्तर भारत में भी ‘कोचाड्यान’ को दर्शक नहीं मिले। सिंगल स्क्रीन थियेटरों में तो स्थिति काफी खराब रही।
देश भर के मल्टीप्लेक्सों में भी ओपनिंग 40 से 45 फीसदी की रही। जिसके नए सप्ताह में सुधरने की आशा करना बेमानी होगा। फिल्म पहले ही कुछ आर्थिक कारणों से दो सप्ताह देर से रिलीज हुई। रिलीज के बाद यह हाल देख कर लगता है कि रजनी के लिए यह फिल्म अंततः घाटे का सौदा साबित होगी।